Mon, 17 Feb 2025 12:56:29 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
लखनऊ: सोमवार की सुबह जब दिल्ली एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लोग सो रहे थे, तभी अचानक धरती कांप उठी। भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को डरा दिया, जिसके बाद वे घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। यह झटके गाजियाबाद, नोएडा समेत उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.0 मापी गई।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, सोमवार सुबह 5:36 बजे पहला भूकंप आया, जिसका केंद्र दिल्ली था। इसके बाद दूसरा झटका सुबह 8:02 बजे आया, जिसका केंद्र बिहार का सिवान जिला था। दोनों ही भूकंपों की तीव्रता 4.0 रही। इससे पहले 7 जनवरी को भी बिहार में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
हमारे गाजियाबाद संवाददाता ने बताया कि पहली बार इतना तेज झटका महसूस किया गया कि लगा जैसे पूरा घर हिल रहा हो। कई लोगों ने कहा कि उन्हें ट्रेन के डिब्बे जैसा वाइब्रेशन महसूस हुआ। आगरा, मेरठ, मथुरा, सहारनपुर और मुरादाबाद में भी लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भूकंप को लेकर ट्वीट कर लोगों से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में खिड़कियां टूट सकती हैं और दीवारों पर टंगी फ्रेम को नुकसान हो सकता है।
अब तक भूकंप से किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तीव्रता के भूकंप से बड़े पैमाने पर नुकसान होने की संभावना कम होती है, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है।
भूकंप के बाद दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में लोगों ने धरती के अंदर से गड़गड़ाने की आवाज सुनी। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए। अधिकारियों ने लोगों से अलर्ट रहने और आपातकालीन सेवाओं के संपर्क में रहने की सलाह दी है।
भूकंप के झटकों ने एक बार फिर लोगों को प्रकृति की ताकत का अहसास करा दिया है। हालांकि, इस बार किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने की जरूरत है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।