Sun, 23 Mar 2025 12:06:12 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फुलवरिया निवासी एक महिला को साइबर अपराधियों ने एक घंटे से अधिक समय तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर न केवल मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि उनसे 55 हजार रुपये भी ठग लिए। आरोपियों ने पुलिस अधिकारी बनकर पहले महिला को धमकाया और फिर उनके बच्चों की हत्या व अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर डर का माहौल बनाया।
कैसे फँसी महिला साइबर जाल में: फोन कॉल से शुरू हुआ खेल
पीड़िता ने बताया कि 19 मार्च की सुबह लगभग 11 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर (8871410798) से कॉल आया। कॉल करने वाला खुद को लखनऊ पुलिस मुख्यालय का अधिकारी बताते हुए बोला कि उनके पास महिला का अश्लील वीडियो मौजूद है जिसे वे वायरल कर सकते हैं। उस समय महिला घर में अकेली थीं, जिससे वह घबरा गईं।
आरोपी ने महिला को डराते हुए कहा, अगर हमारी बात नहीं मानी तो न सिर्फ वीडियो वायरल कर देंगे बल्कि तुम्हारे बच्चों को जान से मार देंगे। महिला के अनुसार, इसके बाद उन्हें एक प्रकार से डिजिटल अरेस्ट कर लिया गया। लगातार फोन कॉल कर उन्हें मानसिक रूप से बंदी बनाकर रखा गया और गूगल पे के माध्यम से आकाश सिंह नामक व्यक्ति के खाते में 55,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
पति को दी जानकारी, साइबर हेल्पलाइन पर की शिकायत
महिला ने घटना की जानकारी अपने पति को दी, जो तुरंत घर लौटे। जब पूरे घटनाक्रम का आभास हुआ, तो उन्होंने तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, पीड़ित परिवार का कहना है कि अब तक उस शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियाँ
पीड़िता ने आगे बताया कि ठगी के बाद भी उन्हें विभिन्न अज्ञात नंबरों से लगातार जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं, जिससे पूरा परिवार डरा हुआ है। महिला के पति ने इस संबंध में कैंट थाने में लिखित तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
कैंट थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि साइबर ठगी और धमकी देने के मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की जांच साइबर क्राइम सेल के सहयोग से की जा रही है। साथ ही, उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली धमकी भरी कॉल्स के झांसे में न आएं और तत्काल स्थानीय पुलिस व साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।