Tue, 04 Feb 2025 22:06:52 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: कैंट थाना क्षेत्र के अनौला में किराए पर रहने वाले ऑटो चालक मनोज पटेल की 16 वर्षीय बेटी प्रिया पटेल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि वह पिछले 15 दिनों से स्कूल नहीं जा रही थी और पढ़ाई छोड़ने की जिद पर अड़ी थी। जब मां ने उसे डांटा और स्कूल जाने को कहा, तो उसने नाराज होकर यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
प्रिया अपने माता-पिता की तीन बेटियों और एक बेटे में सबसे बड़ी थी। परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण थी और पिता ऑटो चलाकर घर का खर्चा चलाते थे। परिजनों के अनुसार, प्रिया पढ़ाई में ज्यादा अच्छी नहीं थी और उसे डर था कि वह परीक्षा में फेल हो जाएगी। 15 दिनों से उसने स्कूल जाना बंद कर दिया था।
घटना वाले दिन उसकी मां ने उसे डांटा और स्कूल जाने के लिए कहा। इस पर प्रिया ने गुस्से में आकर कहा, मुझे पढ़ाई में मन नहीं लगता, मैं स्कूल नहीं जाऊंगी। फेल हो जाऊंगी तो क्या होगा?
मां ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन वह जिद पर अड़ी रही। जब मां ने सख्ती दिखाई, तो वह नाराज होकर कमरे में चली गई।
मां की डांट के बाद प्रिया ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। परिवार के लोग अपने कामों में व्यस्त हो गए। जब काफी देर तक वह बाहर नहीं आई, तो उसकी मां ने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया, तो देखा कि प्रिया फंदे से झूल रही थी।
घटना की जानकारी मिलते ही महिला उपनिरीक्षक आरती गोंड पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
प्रिया की आत्महत्या से पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीणों और रिश्तेदारों का कहना है कि आजकल बच्चों पर पढ़ाई को लेकर बहुत दबाव होता है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं।
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे समाज और शिक्षा प्रणाली में बच्चों पर जरूरत से ज्यादा दबाव डाला जा रहा है? क्या माता-पिता और शिक्षकों को बच्चों की मानसिक स्थिति को समझने की जरूरत है।
कैंट थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि,प्रथम दृष्टया यह मामला पढ़ाई को लेकर तनाव का लग रहा है। परिवार से पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।
यह दुखद घटना बताती है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की जरूरत है। अगर कोई बच्चा पढ़ाई को लेकर परेशान है, तो उसे डांटने या दबाव डालने के बजाय सही मार्गदर्शन और सहयोग देना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यूपी खबर आपलोगों से यह अपील करता है,कि अगर आपके आसपास कोई बच्चा मानसिक तनाव में है, तो उससे बातचीत करें, उसकी समस्या को समझें और उसे आवश्यक सहयोग दें।