वाराणसी: शहीद दिवस पर बीएचयू में गूंजा देशभक्ति का स्वर, स्किल्ड छात्रों को मिला सम्मान

वाराणसी में शहीद दिवस पर आईडियल नर्सिंग क्लासेस में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित छात्रों को प्रमाणपत्र दिए गए।

Sun, 23 Mar 2025 22:18:36 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: आजादी के अमर सपूतों की शहादत को समर्पित 23 मार्च शहीद दिवस के अवसर पर काशी नगरी के लंका स्थित आईडियल नर्सिंग क्लासेस में एक भव्य व प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बीएचयू के युवा छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता योगेश योगी के नेतृत्व में किया गया, जहाँ न सिर्फ शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी उल्लेखनीय कदम उठाया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में डा. एस.एन. शंखवार की गरिमामयी उपस्थिति

इस आयोजन में विशेष रूप से बीएचयू के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) के निदेशक डा. एस.एन. शंखवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में डा. शंखवार ने भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे वीर सपूतों के बलिदान को याद करते हुए कहा कि आज के युवा यदि अपने अंदर देशभक्ति की लौ जलाएं और स्वयं को स्किल्ड बनाएं, तो यही असली श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा, हमारे शहीदों ने जो आजादी हमें दिलाई है, उसे सशक्त भारत बनाने के लिए आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

कौशल विकास में प्रशिक्षित छात्रों को मिला प्रमाणपत्र

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू महामना फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा संचालित स्किल्ड डेवलपमेंट कार्यक्रम रहा। ट्रस्ट के संस्थापक सचिन गौरी वर्मा के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि डा. शंखवार के कर-कमलों द्वारा प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इससे पहले डा. शंखवार का भव्य स्वागत आईडियल नर्सिंग क्लासेस के निदेशक डा. यशवंत चौहान ने किया।

देशभक्ति से ओतप्रोत भाषणों ने मोहा मन

कार्यक्रम के दौरान देशप्रेम की भावना से भरे भाषणों ने उपस्थित सभी जनों को भाव-विभोर कर दिया। शाश्वत उपाध्याय और आंचल सिंह ने अपने जोशीले वक्तव्यों के माध्यम से न केवल शहीदों के बलिदान को याद दिलाया, बल्कि युवाओं में राष्ट्रसेवा की भावना जागृत करने का संदेश भी दिया। उनके ओजस्वी शब्दों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

संचालन और अध्यक्षता में दिखा समर्पण

पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन महामना फाउंडेशन ट्रस्ट के संस्थापक सचिन गौरी वर्मा द्वारा किया गया। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए योगेश योगी ने अपने संबोधन में कहा, आज का दिन केवल श्रद्धांजलि का नहीं, आत्ममंथन और आत्मविकास का है। हम सभी युवाओं को शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए अपने ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों को सशक्त बनाना होगा।

विशिष्टजन की उपस्थिति ने बढ़ाया गौरव

इस प्रेरक कार्यक्रम में कई अन्य विशिष्टजन एवं युवा कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। जिनमें प्रमुख रूप से संदीप सिंह, शशांक उपाध्याय, सौरभ प्रजापति, आशुतोष सिंह और निखिल मिश्रा का नाम उल्लेखनीय रहा। सभी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे युवाओं के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बताया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजक योगेश योगी ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और आयोजकों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया।

काशी में शहीदों की अमर गाथा को नई पीढ़ी के समर्पण से मिला नया आयाम

यह आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं था, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी था कि आज के युवाओं को अपने व्यक्तित्व और कौशल को देशहित में लगाना चाहिए। काशी की पावन भूमि पर आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित रूप से देशभक्ति, सेवा और विकास की त्रिवेणी बनकर सामने आया।

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