Mon, 10 Mar 2025 12:24:29 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में इस बार होलिका दहन का दृश्य कुछ अलग और अनोखा है। पांडेयपुर चौराहे पर होने वाले इस आयोजन को इस बार एक श्मशान के रूप में तैयार किया गया है, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस अनोखी थीम को देखने के लिए राहगीर ठहर रहे हैं, कुछ लोग सेल्फी ले रहे हैं, तो कुछ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं। आयोजन स्थल पर न केवल होलिका की प्रतिमा स्थापित की गई है, बल्कि आसपास चिताओं की सजावट भी की गई है। यही नहीं, शवदाह करते हुए डोम समुदाय के सदस्यों को भी दिखाया गया है, और परिजन अंतिम संस्कार करते हुए नजर आ रहे हैं।
आयोजन समिति के सदस्यों का कहना है कि आधुनिक इंटरनेट युग में लोगों का आकर्षण बनाए रखने के लिए इस अनूठी थीम को तैयार किया गया है। वर्ष 1998 से स्थापित होलिका क्लब खजुरी (पांडेयपुर) की ओर से हर वर्ष पांडेयपुर चौराहे पर होलिका दहन होता रहा है, लेकिन इस बार पहली बार इसे 'मोक्ष स्थल श्मशान' का रूप दिया गया है।
संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मिलकर इस थीम को विकसित किया है। आयोजन समिति के अनुसार, बनारस को महाकाल और महाश्मशान के लिए पूरे विश्व में जाना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने इस बार का आयोजन किया है।
हालांकि, आयोजन समिति ने यह स्पष्ट किया है कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल सांस्कृतिक रूप से एक अलग पहचान बनाना है। यहां चिता भस्म की होली नहीं खेली जाएगी, बल्कि पारंपरिक तरीके से रंगों की होली मनाई जाएगी।
होली की निर्धारित तिथि पर ही होलिका दहन किया जाएगा, और उसी उमंग व उल्लास के साथ रंगों के इस महापर्व को मनाया जाएगा। इस अनोखे आयोजन को लेकर शहरवासियों में भारी उत्साह है, और लोग बड़ी संख्या में इस ऐतिहासिक दृश्य का हिस्सा बनने के लिए पहुंच रहे हैं।