Mon, 31 Mar 2025 16:14:11 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: शहर के प्रमुख व्यस्त इलाकों में से एक कैंट रेलवे स्टेशन के सामने चौकाघाट फ्लाईओवर के नीचे स्थित नाइट मार्केट में सोमवार की सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब पिलर संख्या-58 के पास अचानक आग लग गई। थोड़ी ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते सिलेंडर फटने की जोरदार आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। आग की लपटों ने आसपास के दुकानदारों और राहगीरों में दहशत फैला दी, जिससे पूरे इलाके में भगदड़ मच गई।
कैसे लगी आग:
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चौबेपुर निवासी संजय यादव की लस्सी की दुकान पिलर संख्या-58 पर स्थित है। उनके ठीक पीछे ही राधे श्याम सेठ के काउंटर के बाहर उनका कर्मचारी सुबह का भोजन पका रहा था। अचानक चूल्हे से निकली आग की लपटों ने काउंटर को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, आग तेजी से फैलने लगी। कर्मचारियों ने शोर मचाया, जिसके बाद संजय यादव समेत आसपास के अन्य दुकानदारों ने जान बचाने के लिए दुकानें छोड़कर भागना शुरू कर दिया।
सिलेंडर धमाके से बढ़ा खौफ:
आग की लपटें जब तक बुझाई जातीं, तब तक एक सिलेंडर ने जोरदार धमाके के साथ फटना शुरू कर दिया, जिससे आग और भी भयानक हो गई। इसके बाद दूसरा सिलेंडर भी धमाके के साथ फट गया, जिससे आसपास का माहौल और भी दहशतभरा हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी।
दमकल कर्मियों की तत्परता से टला बड़ा हादसा:
सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अगर थोड़ी देर और हो जाती, तो यह आग और भीषण रूप ले सकती थी और आसपास की कई दुकानों को अपनी चपेट में ले सकती थी। दमकल कर्मियों की तत्परता ने एक बड़ी आपदा को टाल दिया।
भागदौड़ में कोई हताहत नहीं:
इस घटना में कोई जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। आग के चलते कई दुकानें जलकर खाक हो गईं, जिससे व्यापारियों में रोष और चिंता का माहौल है।
स्थानीय प्रशासन ने किया निरीक्षण:
घटना के बाद मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासन ने दुकानदारों को आश्वासन दिया कि आग लगने की पूरी जांच की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
आग से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी:
इस घटना के बाद यह सवाल उठता है कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा के उपाय कितने कारगर हैं। स्थानीय प्रशासन और व्यापारियों को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
इस भयावह घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन को चाहिए कि नाइट मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अग्निशमन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।