वाराणसी: मौनी अमावस्या पर उमड़ा जनसैलाब, 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

मौनी अमावस्या के अवसर पर वाराणसी में श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा देखने को मिला, जहाँ 15 लाख से अधिक लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए, मंदिर के कपाट रात 2:45 बजे खोले गए।

Wed, 29 Jan 2025 11:09:31 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगलवार रात से ही भक्तों का आना शुरू हो गया था, और सुबह होते-होते काशी की गलियां, सड़कों और घाटों पर भक्तों की भीड़ इस कदर बढ़ गई कि हर ओर हाउसफुल जैसा नजारा दिखने लगा। 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

रात 2:45 बजे खुले काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट, गंगा घाट तक लगी लंबी कतारें
मंगलवार रात 2:45 बजे काशी विश्वनाथ मंदिर के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए गए। दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें मंदिर से लेकर गंगा घाट तक लगी रहीं। हजारों श्रद्धालु पूरी रात कतार में खड़े रहकर भगवान शिव के दर्शन का इंतजार करते रहे। मंदिर प्रशासन और पुलिस बल ने मिलकर भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी व्यवस्था की थी, जिससे दर्शन प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा के पवित्र जल में स्नान किया और अपने ईष्ट देव की पूजा-अर्चना की। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने दीपदान किया और दान-पुण्य भी किया।

मौनी अमावस्या पर वाराणसी में इतनी अधिक भीड़ उमड़ी कि प्रमुख सड़कों और गलियों में लोगों को चलने तक की जगह नहीं मिल रही थी। शहर के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस प्रशासन ने ट्रैफिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कई मार्गों को डायवर्ट किया। मंदिर और घाटों तक पहुंचने के लिए विशेष बैरिकेडिंग की गई थी, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

वाराणसी जिला प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही थी। इसके अलावा, घाटों पर मेडिकल टीमें तैनात थीं और एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया था।

मौनी अमावस्या के इस पावन पर्व पर काशी में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिला। देश के कोने-कोने से आए भक्तों ने गंगा स्नान कर भगवान शिव के दर्शन किए और आध्यात्मिक सुख की अनुभूति प्राप्त की। पूरा वाराणसी शिवमय हो उठा और भक्तों के हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

श्रद्धालुओं का उत्साह, व्यापारियों को भी मिला लाभ
मौनी अमावस्या के कारण वाराणसी में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ हुआ। फूल-मालाओं, पूजा सामग्री, प्रसाद और खाने-पीने की दुकानों पर काफी भीड़ देखने को मिली। होटलों और धर्मशालाओं में भी श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण एडवांस बुकिंग की गई थी।

प्रशासन ने सफाई व्यवस्था पर दिया विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद नगर निगम और प्रशासन ने सफाई व्यवस्था बनाए रखने में कोई कसर नहीं छोड़ी। घाटों और सड़कों पर विशेष सफाई अभियान चलाया गया, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

मौनी अमावस्या पर वाराणसी की पूरी छवि एक भव्य आध्यात्मिक नगरी जैसी प्रतीत हो रही थी। चारों ओर श्रद्धा और भक्ति का माहौल था। गंगा घाटों पर लाखों दीप जलाए गए और विशेष पूजन-अर्चन हुआ।

मौनी अमावस्या का यह पर्व एक बार फिर वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को प्रकट करता है, जहां देश-विदेश से भक्तजन आकर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं और भगवान शिव की नगरी का दिव्य अनुभव प्राप्त करते हैं।

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