Tue, 11 Mar 2025 20:18:48 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में होली के अनूठे पर्वों में शामिल मसाने की होली का आयोजन मंगलवार सुबह मणिकर्णिका घाट पर पूरे विधि-विधान से किया गया। रंगभरी एकादशी पर भूतभावन बाबा विश्वनाथ के साथ अबीर-गुलाल की होली खेलने के बाद, उनके गण नंदी, श्रृंगी, भृंगी और भूत-प्रेतों के संग जलती चिताओं की भस्म से यह विशेष होली खेली गई। इस दौरान घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मसान होली की शुरुआत सबसे पहले धूनी रमाए नागा साधुओं की अगवानी से हुई। वे घाट पर पहुंचे, तो श्रद्धालुओं ने उन पर राख डालकर नमन किया। इसके बाद भक्तों पर चिता भस्म फेंकी गई और पूरे जोश के साथ महादेव के जयकारे लगाए गए। घाट पर इस अद्भुत दृश्य को देखने के लिए देश-विदेश से आए लोग रोमांचित नजर आए।
इस बार प्रशासन द्वारा मसान होली में डीजे पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिससे युवाओं में उत्साह थोड़ा कम देखा गया। नाच-गाने की धूम न होने के कारण कई भक्तों में उदासी दिखी, लेकिन इसके बावजूद बाबा की भक्ति में कोई कमी नहीं आई और श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार घाट पर बनी रही।
मणिकर्णिका घाट की ओर जाने वाले सभी रास्ते श्रद्धालुओं से पटे रहे। गलियों से लेकर घाटों तक और नावों से आने वाले भक्तों की भीड़ ने पूरे क्षेत्र को भर दिया। अधिक भीड़ होने के कारण कई जगहों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने मसाने की होली के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। घाट की ओर जाने वाले सभी मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। सुरक्षाकर्मी लगातार लोगों को अनुशासन में रखते हुए घाट तक पहुंचने में मदद कर रहे थे।
मणिकर्णिका घाट की ओर बढ़ती अनियंत्रित भीड़ को देखते हुए पुलिस को सख्ती अपनानी पड़ी। मणिकर्णिका द्वार पर अधिक भीड़ जमा होने के कारण धक्का-मुक्की बढ़ने लगी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए लाठीचार्ज कर भीड़ को पीछे हटाया।
काशी की मसाने की होली केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जीवन-मृत्यु के दर्शन का अनूठा संगम है, जहां भक्त भस्म से बाबा के साथ दिव्य होली खेलते हैं और मोक्ष की कामना करते हैं।