वाराणसी: साइबर ठगों ने उड़ाए 4.59 लाख रुपए, बिना OTP साझा किए खाते से गायब हुई रकम

वाराणसी के राजातालाब थाना क्षेत्र के जयापुर गांव निवासी विक्रम साइबर ठगी का शिकार हुए, उनके दो बैंक खातों से 4.59 लाख रुपए निकाले गए, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

Tue, 18 Mar 2025 12:14:16 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: राजातालाब थाना क्षेत्र के जयापुर गांव निवासी विक्रम साइबर ठगों का शिकार हो गए। ठगों ने उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 4.59 लाख रुपए उड़ा लिए। विक्रम का दावा है कि उन्होंने न तो किसी को ओटीपी साझा किया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया, फिर भी उनके अकाउंट से इतनी बड़ी रकम निकल गई। पुलिस ने विक्रम की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विक्रम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर दो अनजान नंबरों पर कॉल फॉरवर्डिंग कर दी गई थी। 5 मार्च की सुबह उनके मोबाइल पर नेट बैंकिंग से जुड़ा ओटीपी आया, जिसे उन्होंने किसी के साथ साझा नहीं किया। बावजूद इसके, उनके नेट बैंकिंग खाते में लॉगिन कर उनके खाते से रुपए निकाले जाने लगे।

विक्रम के अनुसार, जयापुर स्थित केनरा बैंक शाखा में उनके खाते नंबर 98842140000190 में सबसे पहले साइबर जालसाजों ने मात्र 8 रुपए डाले। इसके बाद खाते से तीन किस्तों में 50,000, 1,99,000 और 2,00,000 रुपए निकाल लिए गए। कुल मिलाकर इस खाते से 4 लाख 49 हजार रुपए उड़ाए गए।

घटना के कुछ ही देर बाद, उनके ही दूसरे खाते नंबर 98842210000132 में जालसाजों ने अचानक 2 लाख रुपए क्रेडिट किए। विक्रम को जब इसका संदेह हुआ तो वे तत्काल बैंक पहुंचे। बैंक पहुंचने तक उस खाते से भी 10,000 रुपए निकाले जा चुके थे। हालांकि, विक्रम की तत्परता और बैंक मैनेजर के सहयोग से खाते को फ्रीज करा दिया गया, जिससे शेष 1.90 लाख रुपए बचा लिए गए।

थाना प्रभारी अजीत कुमार वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि विक्रम की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। साइबर अपराधियों की तलाश के लिए एक्सपर्ट टीम की मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल फुटप्रिंट, कॉल फॉरवर्डिंग के लिए उपयोग किए गए नंबर और पैसे जिन खातों में ट्रांसफर हुए हैं, उनकी पूरी जांच की जा रही है। जल्दी ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

विक्रम ने बताया कि उन्होंने बैंक मैनेजर से रुपए वापस दिलाने की गुहार लगाई, लेकिन बैंक ने असमर्थता जताई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस की तफ्तीश में यह भी सामने आया है कि साइबर जालसाजों ने बेहद सुनियोजित तरीके से कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए ओटीपी और अन्य सुरक्षा कदमों को बायपास किया।

साइबर सेल अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि किसी भी स्थिति में अपने मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग चेक करें और अनजाने में किसी अन्य नंबर पर फॉरवर्डिंग न रखें। किसी भी बैंकिंग या पर्सनल जानकारी को साझा करने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तत्काल बैंक और पुलिस से संपर्क करें।

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