वाराणसी: कक्षा 8 तक के स्कूल 22 फरवरी तक बंद, काशी में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

वाराणसी में महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते प्रशासन ने सभी बोर्ड स्कूलों में कक्षा 8 तक की पढ़ाई 22 फरवरी तक ऑनलाइन जारी रखने का निर्देश दिया है, जिससे बच्चों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित हो सके।

Sun, 16 Feb 2025 22:27:34 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: महाकुंभ के पलट प्रवाह का सिलसिला वाराणसी में जारी है। करोड़ों श्रद्धालुओं ने शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन किया है। अभी भी काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गंगा घाट तक लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखी जा रही है। इस भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने शहर के सभी बोर्ड के स्कूलों में कक्षा 8 तक की पढ़ाई 22 फरवरी तक ऑनलाइन जारी रखने का निर्देश दिया है। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

माघ पूर्णिमा के बाद भी श्रद्धालुओं का वाराणसी पहुंचना जारी है। खासतौर पर प्रयागराज महाकुंभ से लाखों की संख्या में श्रद्धालु वाराणसी आ रहे हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, दुर्गा मंदिर और गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है।

वाराणसी के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि स्कूली बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसको ध्यान में रखते हुए वाराणसी नगर के सभी बोर्ड की स्कूलों में कक्षा 8 तक ऑनलाइन पठन-पाठन 22 फरवरी तक जारी रखने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उन्हें ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।

वाराणसी में पलट प्रवाह के दौरान अभी भी लगभग 16लाख से अधिक श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन करने के लिए ठहरे हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्रों में वाहनों का आवागमन बढ़ गया है। अगर स्कूली बच्चे वाहन से आवागमन करते तो उन्हें ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ सकता था। इन स्थितियों को देखते हुए प्रशासन ने कक्षा 8 तक की पढ़ाई को 22 फरवरी तक ऑनलाइन कराने का निर्णय लिया है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती भी बढ़ाई गई है। गंगा घाटों पर नाविकों और लाइफ गार्ड्स की संख्या भी बढ़ाई गई है ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना को रोका जा सके।

इस निर्णय से अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि इससे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा दोनों सुनिश्चित होगी। एक अभिभावक ने कहा, शहर में इतनी भीड़ के बीच बच्चों का स्कूल जाना सुरक्षित नहीं था। प्रशासन ने सही निर्णय लिया है।

प्रशासन ने कहा है कि स्थिति सामान्य होने के बाद स्कूलों को फिर से खोलने का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।

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