Mon, 24 Feb 2025 11:19:10 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: काशी की पावन धरती पर आज एक ऐतिहासिक घटना घटी, जब धर्म के क्षेत्र में दिव्यांग जनों को अभूतपूर्व सम्मान मिला। वाराणसी के कैलाशपुरी सेवा आश्रम में ब्रह्मराष्ट्र एकम् विश्व महासंघ ट्रस्ट द्वारा स्थापित श्रीकुल पीठ के तत्वावधान में श्रीकुल दिव्यांग पीठ के प्रथम महामण्डलेश्वर के रूप में स्वामी कृपानंद महाराज का पट्टाभिषेक किया गया। यह समारोह दशमी तिथि और सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ मुहूर्त में आयोजित किया गया।
श्रीकुल पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 डॉ० सचिन्द्रनाथ महाराज और आचार्य पीठाधीश्वर दस महाविद्या साधक पं० दिवाकर महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस समारोह में स्वामी कृपानंद महाराज को दिव्यांग पीठ के महामण्डलेश्वर पद पर विराजमान किया गया। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी दिव्यांग संत को इतने ऊंचे धार्मिक पद पर आसीन किया गया है।
स्वामी कृपानंद महाराज ने दशकों से कुंडलिनी जागरण और विपासना साधना के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया है। उनके इस योगदान को सम्मानित करते हुए उन्हें श्रीश्री 1008 की उपाधि से सुशोभित किया गया। इस अवसर पर श्रीकुल पीठाधीश्वर ने वेद के सूक्त सर्वे भवंतु सुखीना, सर्वे संतु निरामया का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समारोह दिव्यांग जनों को समाज की अग्रिम पंक्ति में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रीकुल पीठ के महंत भैरवानंद महाराज ने कहा कि धर्म के क्षेत्र में दिव्यांग जनों को यह सम्मान मिलना अभूतपूर्व है। उन्होंने श्रीकुल पीठ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पीठ का उद्देश्य दिव्यांग जनों की आध्यात्मिक चेतना को जागृत करना और उनकी दिव्य शक्तियों का उपयोग करके राष्ट्र के पुनर्निर्माण में योगदान देना है।
इस अवसर पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजीत बग्गा, खेल प्रशिक्षक अखिलेश रावत, समाज सेवी धीरेंद्र पाण्डेय, एसएन उपाध्याय, सुधीर अजय पटेल, संजय, ब्रह्मराष्ट्र एकम् युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कुशाग्र मिश्र, पं० अर्जुन दास महाराज, संतोष कश्यप, राकेश गुप्ता, राजू सूर्य प्रकाश सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इस ऐतिहासिक समारोह ने न केवल दिव्यांग जनों को धर्म के क्षेत्र में सम्मान दिलाया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सम्मान मिलना चाहिए। स्वामी कृपानंद महाराज के नेतृत्व में श्रीकुल दिव्यांग पीठ अब दिव्यांग जनों के आध्यात्मिक और सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करेगी।