Mon, 24 Mar 2025 13:17:12 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: रामनगर देश के दूसरे प्रधानमंत्री, सादगी और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा के चारों ओर उपेक्षा और अव्यवस्था का जो आलम रामनगर में फैला था, उस पर यूपी खबर की विशेष रिपोर्ट का असर अब साफ नज़र आने लगा है।
महापुरुषों की प्रतिमा बनी थी विज्ञापनों का अड्डा
शास्त्री जी की प्रतिमा, जहां कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी माल्यार्पण कर चुके हैं, वही स्थल पिछले काफी समय से गंदगी, अवैध होर्डिंग्स और पोस्टरों के जंजाल में फंसा हुआ था। नगर निगम के निर्देशों के बावजूद खंभे, सरकारी दीवारें, और यहाँ तक कि प्रतिमा तक बेतरतीब विज्ञापनों से अटी पड़ी थीं।
यह दृश्य और भी दुखदायी तब हो जाता है, जब ध्यान दें कि रामनगर प्रदेश के वर्तमान राज्यपाल और पिछड़ा आयोग के सदस्य का भी गृह नगर है। बावजूद इसके, प्रशासन की लापरवाही शास्त्री जी जैसे महापुरुष के सम्मान को ठेस पहुँचा रही थी।
यूपी खबर की रिपोर्ट से हरकत में आया नगर निगम यूपी खबर ने इस उपेक्षा को प्रमुखता से प्रकाशित किया, और खबर छपते ही प्रशासन में हलचल मच गई। महज कुछ ही घंटों में नगर निगम की टीम मौके पर पहुँची और ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए प्रतिमा के चारों ओर लगे सारे अवैध पोस्टर, बैनर, होर्डिंग्स हटाए। साथ ही खंभों और दीवारों को भी साफ किया गया।
पार्षद राजकुमार यादव ने जताया आभार, दिए कड़े निर्देश
वार्ड पार्षद रामकुमार यादव ने यूपी खबर के प्रयास की सराहना करते हुए कहा:
मैंने नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिया है कि लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा के आसपास किसी भी प्रकार के अतिक्रमण या विज्ञापन पोस्टर-बैनर न लगने पाए। यूपी खबर ने जिस गंभीरता से इस मुद्दे को उठाया, उसके लिए आभार व्यक्त करता हूँ। हमारे महापुरुष ही हमारी पहचान और गौरव हैं। रामनगर को लाल बहादुर शास्त्री जी के कारण विशेष पहचान मिली है। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसे महापुरुष के निवास क्षेत्र का पार्षद बनने का अवसर मिला है। उनकी गरिमा बनाए रखना हमारी पहली जिम्मेदारी है।
स्थानीय लोगों ने भी जताया संतोष
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद, स्थानीय नागरिकों, व्यापारी संगठनों और समाजसेवियों ने यूपी खबर और प्रशासन दोनों का आभार जताया।
जनता की राय:
तपेश्वर चौधरी (मंडल प्रभारी विश्व हिंदू महासंघ)
शास्त्री जी के नाम पर हम सबको गर्व है। कई सालों से यहाँ सिर्फ गंदगी और पोस्टर-बैनर लगे थे। यूपी खबर ने मुद्दा उठाया तो अब साफ-सफाई हो पाई। उम्मीद है आगे भी ऐसा ही ध्यान रखा जाएगा।
शमशाद अहमद (स्थानीय दुकानदार)
महापुरुषों का सम्मान केवल दिखावे में नहीं, उनके प्रतीक स्थलों की देखरेख में होना चाहिए। खबर पढ़कर अच्छा लगा कि अब प्रशासन जागा। यूपी खबर का धन्यवाद।
आकाश (स्थानीय निवासी)
कई बार शिकायत की, लेकिन असर नहीं हुआ। यूपी खबर ने छापा, तो तुरंत काम हुआ। मीडिया की ताकत यही है। शास्त्री जी के नाम पर अब दोबारा लापरवाही न हो, यही चाहेंगे।
महापुरुषों का सम्मान अब दिखावे तक नहीं
यह सवाल बार-बार उठता रहा है कि क्या महापुरुषों का सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित रह गया है? लेकिन अब रामनगर में इस उपेक्षा का पटाक्षेप हुआ है। नगर निगम की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि महापुरुषों के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा।
यूपी खबर की पहल बनी बदलाव की मिसाल
रामनगर में शास्त्री जी की प्रतिमा के पास न अब पोस्टरों का जंजाल है, न गंदगी की परत। नगर निगम और जनप्रतिनिधियों ने साफ संदेश दे दिया है— महापुरुषों की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं।
यूपी खबर की पत्रकारिता फिर साबित करती है कि जब मीडिया सजग हो, तो न सिर्फ समस्याएँ उजागर होती हैं, बल्कि समाधान की राह भी बनती है।