Fri, 07 Feb 2025 08:42:02 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: उत्तर प्रदेश में जल परिवहन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जलमार्ग प्राधिकरण अब नावों के लिए लाइसेंस जारी करेगा, जिससे जल परिवहन प्रणाली को नियंत्रित और सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव ने आदेश जारी कर दिया है और जल्द ही नई रूपरेखा तैयार की जाएगी।
प्रदेश में गंगा, यमुना, गोमती सहित कई नदियां और जलाशय हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक नाविक परिवहन, मछली पालन और पर्यटन उद्देश्यों के लिए किया जाता है। अब तक इन नावों के संचालन के लिए कोई स्पष्ट कानूनी ढांचा नहीं था, जिससे अनियमितता बनी रहती थी। लेकिन अब सरकार ने जल परिवहन को अधिक संरचित बनाने के लिए यह निर्णय लिया है।
सरकार द्वारा प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत अब नाव संचालन के लिए लाइसेंस अनिवार्य होगा। बिना लाइसेंस के नावों का संचालन अवैध माना जाएगा।
सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी होगा। नावों की गुणवत्ता, जीवन रक्षक उपकरण और अन्य सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित किया जाएगा। पर्यावरणीय प्रभाव पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए नए नियम लागू होंगे। नाविकों और स्थानीय लोगों को इससे रोजगार मिलेगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
जलमार्ग प्राधिकरण नाविकों को लाइसेंस जारी करने के लिए एक ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया शुरू करेगा। इसमें नाविकों को आवश्यक दस्तावेज, नाव की फिटनेस रिपोर्ट और सुरक्षा मानकों को पूरा करना होगा। निरीक्षण के बाद पात्र नाविकों को लाइसेंस जारी किया जाएगा।
इस फैसले का स्थानीय नाविकों ने स्वागत किया है। वाराणसी के नाविकों ने कहा, यह निर्णय हमारे लिए लाभदायक साबित होगा। इससे हमारी आजीविका सुरक्षित होगी और नावों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। राज्य सरकार जल परिवहन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई नीति के तहत अवैध नावों पर रोक लगेगी, जिससे जल परिवहन सुरक्षित और सुगम बनेगा।
जलमार्ग प्राधिकरण जल्द ही इस योजना की विस्तृत जानकारी जारी करेगा, जिससे नाविकों और संबंधित पक्षों को स्पष्ट दिशा-निर्देश मिल सकें।