Thu, 30 Jan 2025 22:12:57 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
प्रयागराज: महाकुंभ के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने श्रद्धालुओं की आस्था और मानवता पर गहरी चोट पहुंचाई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी ने भंडारे में बन रहे खाने में मिट्टी और राख डाल दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में नाराजगी फैल गई और प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
भंडारे में मिट्टी डालते पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल : मामला सोरांव इलाके के मलाक चतुरी गांव का है, जहां महाकुंभ जा रहे श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया था। यहां कुछ स्वयंसेवी संस्थाओं और ग्रामीणों ने मिलकर यात्रियों के लिए भोजन-पानी की व्यवस्था की थी। चूंकि महाकुंभ के कारण यातायात प्रभावित हुआ था और कई लोग रास्ते में फंसे थे, इसलिए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सड़क किनारे भंडारा लगाया गया था।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क किनारे तीन बड़े भगोनों में खाना बनाया जा रहा था, उसी समय एक पुलिस इंस्पेक्टर ने जमीन से मिट्टी उठाकर खाने में डाल दी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस घटना की कड़ी निंदा की जाने लगी।
इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस वीडियो को अपने एक्स (Twitter) हैंडल से साझा किया और राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा है कि जो लोग महाकुंभ में फंसे श्रद्धालुओं की सेवा में लगे हैं, उनके सद्प्रयासों के ऊपर राजनीतिक विद्वेष वश मिट्टी डाल दी जा रही है। यह अत्यंत निंदनीय और अमानवीय कृत्य है। इस बयान के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी गर्मा गया है और प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए डीसीपी गंगापार कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा है कि, प्रयागराज-प्रतापगढ़ मार्ग पर सोरांव मलाक चतुरी गांव के सामने कुछ ग्रामीणों ने भंडारे का आयोजन किया था, जिसकी वजह से हाईवे पर जाम लग गया था। पुलिस केवल यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पहुंची थी। भंडारे को हटाने का अनुरोध किया गया था, लेकिन जब ग्रामीणों ने मना किया, तो एक पुलिसकर्मी ने गुस्से में आकर यह हरकत कर दी। उन्होंने आगे कहा कि भंडारे में मिट्टी डालना पूरी तरह गलत है, और इस मामले में संबंधित अधिकारी से जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि भंडारे में मिट्टी डालकर पुलिस ने न केवल श्रद्धालुओं का अपमान किया, बल्कि सेवा भाव से भोजन तैयार करने वालों की भावना को भी ठेस पहुंचाई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कुछ संगठनों ने प्रयागराज पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने की भी चेतावनी दी है।
प्रयागराज पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीपी सोरांव को जांच सौंपी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। महाकुंभ में श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक अव्यवस्था लगातार चर्चा में बनी हुई है। पहले से ही यातायात, सुरक्षा और भोजन-पानी की कमी को लेकर सवाल उठ रहे थे, और अब इस घटना ने प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महाकुंभ जैसे आध्यात्मिक और ऐतिहासिक आयोजन में सेवा कार्यों को बाधित करना और श्रद्धालुओं के भोजन में जानबूझकर मिट्टी डालना एक गंभीर अपराध है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और प्रशासन दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।