Wed, 29 Jan 2025 10:51:52 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
प्रयागराज: महाकुंभ 2025 के दौरान सोमवार सुबह संगम तट पर बड़ा हादसा हो गया। भारी भीड़ के दबाव के कारण भगदड़ मच गई, जिसमें 14 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। प्रशासन ने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए संयम बरतने की अपील की है। और उन्होंने कहा कि जिसको जहां जगह मिले उसी घाट पर स्नान कर ले।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तड़के 4 बजे के बाद स्नान के लिए लाखों श्रद्धालु संगम तट पर उमड़ पड़े। भीड़ बढ़ने के बावजूद लोग आगे बढ़ते रहे, जिससे अचानक भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग कुचले गए, जिससे घटनास्थल पर ही 14 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए।
हादसे के बाद प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीएम और एसएसपी मौके पर मौजूद हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस हादसे को प्रशासनिक बदइंतजामी का नतीजा बताया है। उन्होंने सरकार पर अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि सुरक्षा के उचित प्रबंध होते, तो यह हादसा नहीं होता। वहीं, भाजपा नेताओं ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है और श्रद्धालुओं से संयम बनाए रखने की अपील की है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने कहा, महाकुंभ एक पवित्र आयोजन है, इसमें अनुशासन और संयम बेहद जरूरी है।
महाकुंभ और अर्धकुंभ में पहले भी भगदड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। 1954 के कुंभ में हुई भगदड़ में 500 से अधिक लोगों की जान गई थी। 2013 के अर्धकुंभ में इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर भगदड़ मचने से 36 लोगों की मौत हो गई थी।
राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और भीड़ प्रबंधन के नए निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
यह हादसा महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। प्रशासन को चाहिए कि वह भीड़ नियंत्रण के ठोस उपाय करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को टाला जा सके।