प्रयागराज: रेलवे ट्रैक पर लोहे का पोल मिलने से मचा हड़कंप, लोको पायलट ने बचाई हज़ारों यात्रियों की जान

प्रयागराज में एक लोको पायलट की सतर्कता ने बड़े रेल हादसे को टाला, जब उसने फाफामऊ और अटरामपुर के बीच रेलवे ट्रैक पर पड़े भारी लोहे के पोल को देखकर इमरजेंसी ब्रेक लगाई, जिससे कई जानें बचीं।

Sat, 05 Apr 2025 12:04:36 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

प्रयागराज: शनिवार की सुबह जब पूरा शहर नींद के आगोश में था, उस वक्त एक लोको पायलट की सतर्कता ने न केवल रेलवे की सुरक्षा प्रणाली की पोल खोल दी, बल्कि एक बड़ी रेल दुर्घटना को टालकर अनगिनत जिंदगियों को बचा लिया।
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के प्रयाग से ऊंचाहार रेलखंड पर स्थित फाफामऊ और अटरामपुर रेलवे स्टेशनों के बीच सुबह करीब 04:15 बजे एक भारी लोहे का पोल रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। यह घटना तब सामने आई जब एक मालगाड़ी उस ट्रैक पर गुजर रही थी और उसके लोको पायलट ने समय रहते ट्रैक पर रखे इस पोल को देख लिया।

लोको पायलट की सतर्कता से बची कई जानें

गनीमत यह रही कि मालगाड़ी के चालक ने अपनी सूझबूझ और सतर्क दृष्टि से समय रहते पोल को देख लिया और तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। अगर यह पोल नजर से चूक जाता, तो मालगाड़ी पटरी से उतर सकती थी, जिससे ट्रैक क्षतिग्रस्त होता और उसके बाद गुजरने वाली यात्री ट्रेनें हादसे का शिकार हो सकती थीं।

रेलवे में मचा हड़कंप, अफसर मौके पर पहुंचे

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में आरपीएफ की टीम, वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और जांच दल मौके पर पहुंचे और ट्रैक को चारों ओर से घेरकर जांच शुरू की गई।

पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, घर-घर हो रही पूछताछ

रेलवे ट्रैक के आसपास बसे स्थानीय घरों में रहने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है। आरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोगों से महत्वपूर्ण जानकारी मिली है और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है, और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

साजिश की आशंका, सिर्फ शरारत नहीं

प्रारंभिक जांच में यह साफ होता जा रहा है कि यह घटना सिर्फ एक शरारत नहीं, बल्कि किसी गहरी साजिश का हिस्सा हो सकती है। लोहे के भारी पोल को रेलवे ट्रैक के ठीक बीचोंबीच रखना सामान्य नहीं माना जा सकता। क्या यह किसी बड़ी दुर्घटना को अंजाम देने की कोशिश थी? क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है?—जांच एजेंसियां हर एंगल से पड़ताल कर रही हैं।

रेलवे प्रशासन का बयान – सुरक्षा सर्वोपरि, नहीं होगा कोई समझौता

उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की ओर से कहा गया है कि यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ट्रैक की निगरानी के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और हर आने-जाने वाली ट्रेन की सतर्क निगरानी की जा रही है।

स्थानीय जनता में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद से फाफामऊ और अटरामपुर के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग यह सोचकर चिंतित हैं कि अगर यह पोल नहीं देखा गया होता तो क्या होता। कई ग्रामीणों ने रेलवे और प्रशासन से ट्रैक के पास गश्त और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

यूपी खबर की विशेष जांच में उठते सवाल:

✅यह लोहे का पोल ट्रैक पर किसने और क्यों रखा?

✅क्या इसके पीछे कोई आतंकी या आपराधिक साजिश है?

✅क्या यह रेलवे की सुरक्षा में बड़ी सेंध का संकेत है?

✅रात के अंधेरे में ट्रैक तक पहुंचने वाला शख्स कौन था?

यूपी खबर इस गंभीर घटना पर लगातार नजर बनाए हुए है। यह सिर्फ एक लोहे का पोल नहीं था—यह सुरक्षा तंत्र की एक परीक्षा थी, जो एक होशियार लोको पायलट के कारण पार हो गई। लेकिन अगली बार क्या हम इतना भाग्यशाली रहेंगे? यही सवाल आज हर जिम्मेदार नागरिक के मन में है।

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