Thu, 27 Feb 2025 11:04:20 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
लखनऊ: मलिहाबाद थाना क्षेत्र के सहिलामऊ गांव में पुलिस ने ट्रांसफॉर्मर का तेल और कॉपर वायर चोरी करने वाले गिरोह के सदस्यों के साथ गुरुवार देर रात एक मुठभेड़ की। इस घटना में गिरोह के सरगना रंजीत के दाहिने पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस ने उसे और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने गिरोह से कॉपर वायर, हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को गुरुवार देर रात सहिलामऊ गांव में ट्रांसफॉर्मर खोले जाने की सूचना मिली। इसके बाद मलिहाबाद, रहीमाबाद और ठाकुरगंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। गश्त के दौरान पुलिस ने गिरोह की कार को घेर लिया, जो एक संकरे रास्ते पर फंस गई। गिरोह के सदस्यों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की। इस दौरान गिरोह के सरगना रंजीत के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया।
पुलिस ने गिरोह की कार से करीब डेढ़ कुंतल कॉपर वायर और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। कॉपर वायर की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये प्रति किलो बताई जा रही है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गिरोह के सरगना रंजीत के अलावा मनोज उर्फ छोटू, विपिन कुमार गौतम और शिव यादव उर्फ सोनू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले दो महीनों में लखनऊ के विभिन्न इलाकों में 12 ट्रांसफॉर्मर से कॉपर वायर चोरी कर चुका है।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने 17 दिसंबर 2024 को काकोरी के अहमदाबाद कटौली और 28 दिसंबर 2024 को मिर्जागंज और केवलहार में ट्रांसफॉर्मर से चोरी की थी। इसके अलावा, उन्होंने शाहपुर, ईंटगांव, नरौरा और सैरपुर इलाकों में भी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अब इनके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
गिरफ्तार किए गए सरगना रंजीत का निवास स्थान काकोरी के घनश्यामपुर खालिसपुर है। पुलिस के अनुसार, रंजीत और उसके साथी पिछले कई महीनों से लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफॉर्मर से कॉपर वायर चोरी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह के पास से बरामद कॉपर वायर और हथियारों से यह साफ हो गया है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर चोरी कर रहा था।
डीसीपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि घायल आरोपी रंजीत को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने इस मामले में और जांच जारी रखी है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना से एक बार फिर यह साबित हो गया है कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई अपराधियों को पकड़ने में कारगर साबित होती है। अब पुलिस का फोकस इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करने और उनके आपराधिक इतिहास को सामने लाने पर है।