Sat, 15 Feb 2025 22:17:35 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: शनिवार को वाराणसी शहर में भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे हजारों यात्री और स्थानीय नागरिक प्रभावित हुए। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ यह जाम रात्रि 9 बजे तक नहीं छूटा, जिसके कारण पड़ाव चौराहे और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो गई।
जानकारी के अनुसार, काशी तमिल संगमम के तीसरे प्रवासी सम्मेलन का उद्घाटन नमो घाट पर शाम 3 बजे होना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने वाराणसी जाने वाले वाहनों को दोपहर 12 बजे से ही रोक दिया। वाहनों को रामनगर के रास्ते मोड़ दिया गया, जिससे पड़ाव चौराहे पर भारी जाम लग गया।
इस जाम में न केवल सामान्य वाहन, बल्कि एंबुलेंस, स्कूली बसें और शव यात्राएं भी फंस गईं। वाराणसी काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु और मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले वाहन भी इस जाम में फंसे रहे। इसके अलावा, ट्रेन और फ्लाइट पकड़ने जा रहे यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक तरफ के रास्ते को बंद करने के कारण रामनगर मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया, जिससे वहां भी जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। पड़ाव से बहादुरपुर और पीडीडीयू नगर की ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। रात्रि 9 बजे तक यह स्थिति बनी रही, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मुस्तैदी से काम करते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने का प्रयास किया।
इसी बीच, रामनगर से बीएचयू ट्रामा सेंटर को जोड़ने वाले सामने घाट पुल पर भी भीषण जाम लगा हुआ था। यहां राहगीरों से लेकर एंबुलेंस तक घंटों तक फंसे रहे। शहर के अधिकांश मार्गों पर वाहनों की भीड़ के कारण यातायात प्रभावित हुआ।
प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए पूरी तत्परता दिखाई और सड़कों पर उतरकर वाहनों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। हालांकि, भीड़ और वाहनों की अधिक संख्या के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में समय लगा।
इस घटना ने एक बार फिर शहर में यातायात प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर किया है। नागरिकों ने प्रशासन से भविष्य में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए बेहतर योजना बनाने की मांग की है।