Sat, 08 Mar 2025 18:21:13 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
सीतापुर: इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पीड़ित 36 वर्षीय राघवेंद्र बाजपेई महोली कस्बे के निवासी थे और एक राष्ट्रीय अखबार के लिए महोली तहसील में पत्रकारिता कर रहे थे। यह वारदात लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर हेमपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास बने ओवर ब्रिज पर घटी।
पुलिस के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने राघवेंद्र की बाइक को जानबूझकर टक्कर मारी। जैसे ही वह गिरे, हमलावरों ने उनके सीने और कंधे पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। गोलीबारी के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने फायरिंग की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने राघवेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के कपड़ों में एक बुलेट फंसी मिली।
राघवेंद्र के चचेरे भाई जय प्रकाश शुक्ला ने बताया कि शनिवार दोपहर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आने के बाद वह घर से बाइक पर निकले थे। कुछ ही देर बाद उन्हें गोली मार दी गई। परिजनों का दावा है कि राघवेंद्र को उनकी खबरों के चलते 10 दिन पहले धमकी मिली थी। जय प्रकाश ने कहा, उन्हें साफ कहा गया था कि अगर लिखना बंद नहीं किया तो जान से मार देंगे।
राघवेंद्र की पत्नी, 8 साल की बेटी अस्मिता और 10 साल के बेटे आराध्य समेत परिवार के सदस्य रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम रुकवाकर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस से हुई नोकझोंक के बाद समझाइश पर पोस्टमॉर्टम की अनुमति दी गई। परिजनों ने चेतावनी दी कि अंतिम संस्कार तभी होगा, जब हत्यारों को पकड़ लिया जाएगा।
घटना के बाद महोली के भाजपा विधायक शशांक त्रिवेदी, पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता और कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी ने अस्पताल पहुंचकर परिवार को संवेदना जताई। शशांक त्रिवेदी ने कहा, दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। सरकार हर संभव मदद करेगी।
अपर पुलिस अधीक्षक प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हमलावरों की तलाश में नाकेबंदी की गई है। सीओ सिटी, सीओ सदर समेत पुलिस टीम मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने परिजनों को त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन हत्या का मकसद अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
स्थानीय पत्रकार संघों ने इस घटना को पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए यूपी सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में यूपी में पत्रकारों के खिलाफ हिंसक घटनाएं बढ़ी हैं।
पुलिस ने मृतक के मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड और धमकी के आधार पर जांच शुरू की है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से कारतूसों के खोल बरामद किए हैं। हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी या पत्रकारिता से जुड़े कारणों की संभावना तलाशी जा रही है।