वाराणसी: रामनगर में अवैध होटल और गेस्ट हाउसों का धड़ल्ले से संचालन, प्रशासन बेखबर

वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में टेंगरा मोड़ और भीटी बाईपास पर अवैध रूप से होटल और गेस्ट हाउस चल रहे हैं, जहाँ नियमों का उल्लंघन हो रहा है और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।

Tue, 18 Feb 2025 01:04:52 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र में अवैध होटल और गेस्ट हाउसों का धड़ल्ले से संचालन जारी है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। टेंगरा मोड़ और भीटी बाईपास इलाके में बिना किसी अनुमति और मानकों के यह कारोबार फल-फूल रहा है। आधा दर्जन से अधिक होटल और गेस्ट हाउस बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और लाइसेंस के संचालित हो रहे हैं। पर्यटन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए इन होटलों का संचालन किया जा रहा है, जिससे न केवल पर्यटकों को असुविधा हो रही है, बल्कि सुरक्षा संबंधी गंभीर खतरे भी पैदा हो रहे हैं।

यूपी खबर की टीम ने मौके पर जांच की तो पता चला कि इन होटलों और गेस्ट हाउसों में भारी संख्या में कमरे किराए पर दिए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन कमरों का किराया ₹3000 से ₹5000 तक वसूला जा रहा है। इतना ही नहीं, कुछ होटलों में 1 घंटे के लिए भी कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसकी कीमत ₹1000 तक ली जा रही है।

गौर करने वाली बात यह है कि इन होटलों के पास न तो पर्यटन विभाग की स्वीकृति है और न ही अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। कुछ होटलों में साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहद खराब है। गुजरात से आए यात्रियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि यहां ठहरने की उचित सुविधा नहीं है, जबकि किराया मनमाने ढंग से वसूला जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रशासन इन अवैध होटलों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा?

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन अवैध होटलों के संचालन में प्रशासन और संबंधित विभागों की मिलीभगत है। यही कारण है कि इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कस्बे में चल रहे अधिकांश होटल और लॉज पंजीकृत नहीं हैं। इनके संचालन में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

इन होटलों में पार्किंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से वाहन खड़े रहते हैं। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

पर्यटन विभाग द्वारा वाराणसी के अन्य क्षेत्रों में अवैध होटलों और लॉज के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, लेकिन रामनगर में स्थिति बिल्कुल अलग है। यहां अवैध होटलों और गेस्ट हाउसों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने इस पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं।

इन होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। किसी भी होटल में फायर सुरक्षा उपकरण या सर्टिफिकेट नहीं है। यह स्थिति पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इन अवैध होटलों के खिलाफ जल्द ही कोई सख्त कदम उठाएगा, या फिर यह मामला यूं ही चलता रहेगा? स्थानीय लोगों और पर्यटकों को प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।

यूपी खबर की टीम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की है।

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