Tue, 11 Mar 2025 22:06:51 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में मंगलवार को होली का उत्सव अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। कैंपस में रंगों से सराबोर छात्र-छात्राएं जब उत्साह के साथ नाच-गाना कर रहे थे, तभी कुछ बाहरी लोगों ने कैंपस में प्रवेश कर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। जब छात्रों ने विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते बाहर से आए लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में कई छात्र घायल हो गए, जिसके बाद परिसर में भगदड़ मच गई।
सूचना मिलते ही सिगरा थाना पुलिस और अन्य थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं, नाराज छात्रों ने पुलिस चौकी पर धरना दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर काशी विद्यापीठ में छात्र-छात्राएं होली का जश्न मना रहे थे। डीजे की धुन पर छात्र-छात्राएं नाच-गाने में मशगूल थे। इसी दौरान पास के इलाके के कुछ स्थानीय लोग भी कैंपस में घुस आए और जबरन नाचने-गाने लगे। पहले तो छात्रों ने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब बाहरी लोगों ने छात्राओं के साथ बदसलूकी शुरू की, तो छात्रों ने विरोध किया।
विवाद बढ़ने पर छात्रों ने मिलकर बाहरी लोगों को कैंपस से बाहर निकाल दिया और मुख्य द्वार (गेट नंबर-1) को बंद कर दिया। इससे गुस्साए बाहरी लोग सड़क से ही छात्रों पर पत्थरबाजी करने लगे। जवाब में अंदर मौजूद छात्रों ने भी पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। देखते ही देखते दोनों ओर से जमकर पथराव होने लगा, जिससे कैंपस का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच करीब 45 मिनट तक पथराव हुआ। कई छात्र इस पथराव में घायल हो गए, वहीं परिसर में खड़ी कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही विद्यापीठ प्रशासन ने तुरंत पुलिस को बुलाया।
कुछ ही देर में सिगरा और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने का प्रयास किया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
घटना के बाद नाराज छात्रों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और मानविकी संकाय के सामने धरने पर बैठ गए। छात्र नेता संतोष तिवारी और हर्षित के नेतृत्व में छात्रों ने बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की।
छात्र नेता हर्षित ने कहा, कि हम लोग शांतिपूर्वक होली मना रहे थे, तभी कुछ बाहरी लोग कैंपस में घुसकर छात्राओं से बदसलूकी करने लगे। हमने विरोध किया तो उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। यह पहली बार नहीं हुआ है, पहले भी बाहरी लोग कैंपस में आकर उपद्रव कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अगर जल्द ही कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो हम उग्र आंदोलन करेंगे।
छात्रों की मुख्य मांगें हैं:
1. बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे।
2. घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए।
3. छात्रों की सुरक्षा के लिए कैंपस में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं।
घटना पर एसीपी चेतगंज गौरव कुमार ने बताया कि काशी विद्यापीठ में छात्र होली मिलन समारोह मना रहे थे, तभी कुछ स्थानीय लोग वहां पहुंचे और उनके बीच कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में पथराव होने लगा।
इस घटना में दो स्थानीय लोगों को मामूली चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विद्यापीठ के कुलसचिव डॉ. के. के. सिंह ने भी घटना पर दुख जताया और कहा कि प्रशासन इस मामले में पूरी गंभीरता से जांच कर रहा है। उन्होंने आगे बताया कि हमने पुलिस को घटना की जानकारी दी थी और जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई की मांग की है। छात्रों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।
घटना के बाद से विद्यापीठ कैंपस में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। परिसर के सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई बाहरी व्यक्ति बिना अनुमति के अंदर न आ सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कैंपस में उपद्रव फैलाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
काशी विद्यापीठ में बाहरी लोगों की एंट्री लंबे समय से विवाद का विषय रही है। कई बार बाहरी लोग परिसर में घुसकर उपद्रव कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस घटना ने एक बार फिर विश्वविद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्रों का कहना है कि अगर बाहरी लोगों का प्रवेश नहीं रोका गया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और प्रशासन छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।