Tue, 04 Mar 2025 11:40:53 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
चंदौली: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में स्थित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू जंक्शन) के पास सोमवार रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते बच गया। आनंद विहार से पुरी जा रही 12876 नंदन कानन एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी S4 की कपलिंग टूटने से ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना से यात्रियों में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई, लेकिन सौभाग्यवश कोई हताहत नहीं हुआ।
नंदन कानन एक्सप्रेस पहले ही अपने निर्धारित समय से तीन घंटे की देरी से चल रही थी। रात 9:30 बजे, जब ट्रेन डीडीयू जंक्शन से करीब 6 किमी आगे जंक्शन हट के पास पहुंची, तभी स्लीपर कोच S4 की कपलिंग अचानक टूट गई। इससे ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई—इंजन सहित छह कोच 200 मीटर आगे निकल गए, जबकि बाकी के 15 कोच पीछे रह गए।
घटना के तुरंत बाद ट्रेन के चालक ने आपातकालीन ब्रेक लगाए और इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। स्टेशन प्रशासन और रेलवे अधिकारी तुरंत हरकत में आए और मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
अचानक ट्रेन के दो हिस्सों में बंट जाने से यात्री घबरा गए। वे समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हुआ। कई यात्री घबराकर ट्रेन से उतरने की कोशिश करने लगे।
एक यात्री ने बताया, जब ट्रेन दो भागों में बंटी, तो हम सब डर गए। अगर ट्रेन की स्पीड ज्यादा होती, तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। रेलवे को इस तरह की लापरवाही को गंभीरता से लेना चाहिए।"
एक अन्य यात्री ने कहा, हमारी सीट S5 में थी। अचानक झटका महसूस हुआ और ट्रेन के दो हिस्से अलग हो गए। शुक्र है कि ट्रेन की गति कम थी, नहीं तो परिणाम बहुत भयानक हो सकते थे।
महिला यात्री ने बताया, ट्रेन के अंदर भयावह स्थिति हो गई थी। मैं बहुत घबरा गई थी और सोच रही थी कि अगर ट्रेन तेज रफ्तार में होती, तो हमारी जान खतरे में पड़ सकती थी।
रेलवे अधिकारियों ने तुरंत S4 बोगी को ट्रेन से अलग किया और उसमें सवार यात्रियों को दूसरी बोगी में शिफ्ट किया गया। इसके बाद टूटे हुए कपलिंग को जोड़ा गया और मरम्मत का काम शुरू हुआ। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद रात 1 बजे ट्रेन को फिर से रवाना कर दिया गया।
डीडीयू जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक एस.के. सिंह ने बताया कि, नंदन कानन एक्सप्रेस प्लेटफार्म नंबर 2 से रवाना हुई थी। लेकिन 6 किमी आगे जाने के बाद S4 कोच की कपलिंग टूट गई। तुरंत ट्रेन को रोका गया और मरम्मत कार्य के बाद ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया गया।
यह घटना रेलवे की लापरवाही को उजागर करती है या फिर यह तकनीकी खराबी थी, इसकी जांच की जा रही है। यात्रियों ने रेलवे से अनुरोध किया कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाए ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
नंदन कानन एक्सप्रेस में हुई यह घटना एक बड़ा रेल हादसा बनने से बच गई। यदि ट्रेन तेज गति से होती, तो यह एक भयंकर दुर्घटना में बदल सकती थी। यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले इस हादसे की गंभीर जांच और सख्त कार्रवाई की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।