Tue, 01 Apr 2025 23:08:58 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
आजमगढ़: किसी घर के आंगन में बच्चों की किलकारियां अब कभी नहीं गूंजेंगी, किसी पत्नी की आंखों में अब सिर्फ इंतजार ही रहेगा, और किसी बहन की शादी की खुशियां अब मातम में बदल गई हैं। जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के फैजुल्ला-जहरुल्ला गांव में एक निर्दोष युवक को टाइल्स लगाने के बहाने बुलाकर सिर कूंचकर निर्ममता से हत्या कर दी गई। इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे गांव को हिला कर रख दिया।
रोजी-रोटी की तलाश में गया, वापस लाश बनकर लौटा मऊ जनपद के मोहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के खालिसापुर गांव निवासी 26 वर्षीय राकेश कुमार अपनी मेहनत और कड़ी लगन से अपने परिवार का पेट पाल रहा था। हर रोज की तरह वह भी अपनी रोजी-रोटी कमाने निकला था, लेकिन किसे पता था कि यह उसकी आखिरी शाम होगी। शैलेश पुत्र अंबिका ने उसे अपने घर बुलाया और फिर उसके साथ जो हुआ, वह रूह कंपा देने वाला था।
घटनास्थल पर बिछा मातम मंगलवार दोपहर जब पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, तो पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर सन्न रह गई। कमरे में बुरी तरह क्षत-विक्षत हालत में राकेश का शव पड़ा था। उसकी जिंदगी को इतनी बेरहमी से खत्म कर दिया गया कि पहचानना तक मुश्किल हो गया। जैसे ही पुलिस ने इस अमानवीय अपराध की खबर घरवालों को दी, वैसे ही पूरा परिवार चीख-पुकार करने लगा।
एक परिवार की खुशियां उजड़ीं राकेश की पत्नी हिना का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार अपने छोटे बच्चों को सीने से लगाकर बेसुध हो जाती है। एक तरफ उसकी बहन की शादी की तैयारियां चल रही थीं, तो दूसरी तरफ अब उसी घर में मातम छा गया है। दो मासूम बच्चे जो अभी यह भी नहीं समझते कि उनके पिता अब कभी नहीं लौटेंगे, बार-बार अपनी मां से पूछ रहे हैं, पापा कब आएंगे, पर इन सवालों का जवाब अब किसी के पास नहीं है।
आरोपी हिरासत में, लेकिन सवाल बाकी पुलिस ने इस निर्मम हत्या के आरोपी शैलेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। आखिर क्यों, आखिर किस वजह से एक मेहनती इंसान की जिंदगी इतनी बेरहमी से खत्म कर दी गई। यह सवाल हर किसी के मन में तैर रहा है।
इलाके में गूंज रही न्याय की पुकार इस निर्मम हत्या की खबर पूरे इलाके में फैलते ही गुस्से की लहर दौड़ गई। हर कोई इस निर्दोष की हत्या पर आक्रोशित है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। लोगों का कहना है कि अपराधियों को ऐसी सजा दी जाए कि कोई भी दोबारा ऐसा घिनौना कृत्य करने की हिम्मत न करे।
क्या मिलेगा इंसाफ, अब सवाल यह उठता है कि क्या राकेश की मेहनत से संजोए गए सपनों को इंसाफ मिलेगा? क्या उसकी पत्नी के आंसू पोंछने के लिए कोई सख्त कदम उठाया जाएगा? या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह धुंध में खो जाएगा।
इस परिवार को इंसाफ कब और कैसे मिलेगा, यह देखने वाली बात होगी। लेकिन एक बात तय है—यह हत्या सिर्फ एक इंसान की नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनाओं की हत्या है।