Mon, 31 Mar 2025 14:40:02 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
आजमगढ़: तरवां थाना क्षेत्र में सोमवार को एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में थाने के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान उमरी पट्टी निवासी सनी कुमार (28) के रूप में हुई। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चार थानों की फोर्स मौके पर तैनात की गई। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने अपना विरोध जारी रखा।
बाथरूम में 6 फीट ऊपर लगी जाली से लटका मिला शव:
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तरवां थाने के बाथरूम में करीब 6 फीट ऊपर एक जाली लगी हुई थी, जिससे मृतक का शव पैजामे के नाड़े के सहारे लटका पाया गया। आश्चर्यजनक रूप से बाथरूम का दरवाजा बाहर से खुला मिला, जिससे संदेह और गहरा गया। सुबह जब गार्ड ने बाथरूम का दरवाजा खोला, तो उसने सनी कुमार का शव लटकता देखा और तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
अभद्र टिप्पणी के आरोप में पुलिस ने लिया था हिरासत में:
मृतक सनी कुमार के खिलाफ इलाके की एक किशोरी पर अभद्र टिप्पणी करने का आरोप था। लड़की के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 28 मार्च को दोपहर 12 बजे सनी कुमार ने मोबाइल पर तेज आवाज में अश्लील गाने बजाए और गलत इशारे किए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने रविवार को सनी को हिरासत में लिया था।
हत्या या आत्महत्या? पुलिस जांच में जुटी:
घटना के बाद ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस हिरासत में युवक की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। वहीं, मृतक के परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है और इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
प्रशासन की सख्ती, ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी:
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह घटना पुलिस हिरासत में मौत से जुड़े मामलों पर फिर से सवाल खड़े कर रही है। प्रशासन और पुलिस पर निष्पक्ष जांच का दबाव बढ़ता जा रहा है।