Thu, 27 Feb 2025 22:36:15 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
अमेठी: अमेठी के संजय गांधी अस्पताल में एक मरीज की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और शराब के नशे में ऑपरेशन करने का आरोप लगाया। घटना के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ और परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मृतक की पहचान गौरीगंज के मऊ गांव निवासी 75 वर्षीय शिवराम मिश्र के रूप में हुई है। उनके पोते सूरज मिश्रा ने बताया कि बुधवार शाम को शिवराम को सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद उन्हें रात 9:30 बजे संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनकी जांच की और ईसीजी व एंजियोग्राफी कराने को कहा। रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनके सीने की नस में समस्या है और ऑपरेशन की जरूरत है।
ऑपरेशन के लिए डॉ. सत्येंद्र तिवारी, डॉ. संजय द्विवेदी, डॉ. प्रशांत द्विवेदी और डॉ. अपूर्वा मिश्रा की टीम ने शिवराम को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया। सूरज ने बताया कि ऑपरेशन से पहले उनके दादाजी का बीपी नॉर्मल था और वह सामान्य रूप से चल-फिर रहे थे। लेकिन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों के बीच अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर बाद बताया गया कि मरीज की हालत बहुत गंभीर हो गई है।
रात करीब 1 बजे परिजनों को सूचित किया गया कि शिवराम की मौत हो गई है। सूरज ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद जब उन्होंने डॉ. संजय द्विवेदी से बात की, तो वह शराब के नशे में थे और उनके मुंह से शराब की बू आ रही थी। इसके बाद डॉक्टर और परिजनों के बीच हाथापाई भी हुई।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की लापरवाही के कारण शिवराम की मौत हुई है। उन्होंने डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया।
घटना के बाद से चारों डॉक्टर मौके से फरार हैं और उनके मोबाइल फोन बंद हैं। पुलिस ने लापरवाही के आरोप में डॉ. सत्येंद्र तिवारी, डॉ. संजय द्विवेदी, डॉ. प्रशांत द्विवेदी और डॉ. अपूर्वा मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मुंशीगंज थाना प्रभारी शिवाकांत ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के सीईओ डॉ. अवधेश शर्मा ने बताया कि मरीज को हार्ट अटैक के बाद अस्पताल लाया गया था। ऑपरेशन के दौरान उन्हें दोबारा हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि डॉ. संजय द्विवेदी पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाया जा रहा है, लेकिन उनका कार्डियोलॉजी विभाग या ऑपरेशन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच में डॉक्टर के नशे में होने की बात सामने आती है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब संजय गांधी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा है। 16 सितंबर 2023 को भी एक महिला मरीज की ऑपरेशन के दौरान लापरवाही से मौत हो गई थी। उस समय भी परिजनों ने आरोप लगाया था कि एनेस्थीसिया का ओवरडोज देने से महिला की मौत हुई। इस मामले में अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया गया था, लेकिन बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर इसे फिर से शुरू किया गया।
मामले की जांच शुरू हो चुकी है और पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने न्याय की मांग की है और अस्पताल प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग की है।