Fri, 28 Mar 2025 22:43:10 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी: लालपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शुक्रवार की वह शाम हुकुलगंज के राधा कटरा मोहल्ले के लिए कभी न भूलने वाला दिन बन गया। एक ऐसी वारदात जिसने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि मानवीय रिश्तों की डोर पर भी गहरा सवाल खड़ा कर दिया। 55 वर्षीय सब्जी व्यापारी जितेंद्र जायसवाल को उनके ही घर में अंधेरा होते ही किसी ने बेरहमी से गला रेतकर मौत की नींद सुला दिया।
पापा... उठो ना:
जितेंद्र की छोटी बेटी अमृता की आवाज आज भी घर की दीवारों में गूंज रही होगी। वह जब घर लौटी तो दरवाजा खुला, टीवी चल रहा था, और पिता चादर ओढ़े सोए हुए थे।लेकिन जैसे ही उसने चादर हटाई—खून से लथपथ बिस्तर, और पिता का कटा हुआ गला... वह चीख पड़ी, ये क्या हो गया, मेरे पापा को किसने मारा।
विदाई का दिन, मौत का साया:
आज ही के दिन जितेंद्र की बड़ी बेटी सोनम की विदाई होनी थी। ससुराल वाले आए हुए थे, घर में खुशियां बिखेरने का वक्त था। लेकिन किसी की नजर में यह खुशी संपत्ति के लालच से बड़ी नहीं थी। जितेंद्र पिछले चार महीने से चोटिल थे, बिस्तर पर ही रहते थे। उन्होंने भाइयों से मकान बेचने या बांटने की बात कही थी, जिसके बाद से ही तनाव चरम पर था।
चाचा ने मारा पापा को:
अमृता ने सीधे अपने तीन चाचाओं—सुरेंद्र, वीरेंद्र और धीरेंद्र जायसवाल पर आरोप लगाया है। उसका कहना है, पापा को पैसे और जमीन के लिए धमकाया जा रहा था। चचेरे भाइयों ने कहा था—जिंदा नहीं छोड़ेंगे।
लालपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और घर को सील कर दिया। फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए, आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की गई है। पुलिस संभावित पारिवारिक झगड़े को ही मामले का कारण मान रही है।
मोहल्ले में सन्नाटा है। लोग हैरान हैं कि भाई-भाई के बीच जमीन के लिए इतनी नफरत कैसे पनप गई। जितेंद्र के दोस्त रामअवतार यादव कहते हैं, वह मेहनती आदमी था, परिवार को प्यार करता था। ऐसा क्या हो गया कि उसके ही खून ने उसका खून कर दिया।
पुलिस जल्द ही गिरफ्तारियों की तैयारी में है। सीसीटीवी फुटेज़ खंगाले जा रहे है।लेकिन सवाल यह है कि क्या जितेंद्र की बेटियों को इंसाफ मिल पाएगा।
? यूपी खबर की टीम मामले पर नजर बनाए हुए है। अगले अपडेट्स के लिए बने रहिए।