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वाराणसी: बिजली के खंभे पर काम करते समय संविदा कर्मी झुलसा, अस्पताल में हालत नाज़ुक

वाराणसी: बिजली के खंभे पर काम करते समय संविदा कर्मी झुलसा, अस्पताल में हालत नाज़ुक

वाराणसी के विजय नगर कॉलोनी में बिजली के खंभे पर काम करते समय एक संविदा कर्मी गोविंद कुमार बिजली की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गया, जिसकी हालत अस्पताल में नाज़ुक बनी हुई है।

वाराणसी: रात की ख़ामोशी में अचानक एक चीख़ गूंजी — विजय नगर कॉलोनी के आकाश में जैसे कराह सी गूंज उठी। बिजली के खंभे पर चढ़ा एक नौजवान—संविदा कर्मी गोविंद कुमार, जिंदगी की जद्दोजहद में शामिल एक और चुपचाप संघर्ष करता चेहरा, इस बार चुप न रह सका। बिजली की चपेट में आया, बुरी तरह झुलसा, और फिर खंभे से नीचे गिर गया—उसके गिरने की आवाज़ ने पूरी कॉलोनी की नींद तोड़ दी।

मडुवाडीह उपकेंद्र से जुड़े डीटीएच सेंटर में तैनात 25 वर्षीय गोविंद कुमार, चंदापुर लोहता का रहने वाला है। रोज की तरह काम पर निकला था, शायद यही सोचकर कि काम खत्म करके जल्द ही घर लौटेगा—मां के हाथ की रोटी खाएगा, पिता की थकी आँखों को मुस्कान देगा। पर उस रात, किस्मत ने एक भयानक करवट ली।

बिजली बॉक्स में केबल जोड़ते समय अचानक एक तार का संपर्क दूसरे से हो गया। ज़ोरदार झटका, शरीर का झुलसना, और फिर मौत की दहलीज़ पर झूलता एक नौजवान।

गोविंद के गिरते ही लोग दौड़ पड़े। मोहल्ले के लोग, जो अक्सर बिजली के कट जाने पर कोसा करते थे इन कर्मियों को, इस बार उनकी आँखों में दहशत और संवेदना दोनों थीं। साथी बिजली कर्मियों ने बिना वक्त गंवाए गोविंद को कबीर चौरा मंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत नाज़ुक बताई।

लेकिन जो सबसे ज्यादा झकझोरने वाला दृश्य था, वह अस्पताल की दीवारों के बीच पसरा सन्नाटा था—न कोई अफसर, न कोई संवेदना।

घटना के घंटों बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। संविदा कर्मियों में भारी नाराजगी है। चर्चा ये भी है कि पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए बिना इन्हें हर रोज़ जान हथेली पर रखकर खंभों पर चढ़ा दिया जाता है। सवाल उठते हैं, पर जवाब देने वाला कोई नहीं।

क्या गोविंद की कराहें सिर्फ एक 'हादसा' बनकर रह जाएंगी,
क्या संविदा कर्मियों की जान इतनी सस्ती है कि उनके झुलसने पर भी व्यवस्था की आंख नहीं खुलती।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर ये याद दिला दिया कि जिनकी बदौलत हमारे घरों में रौशनी जलती है, उनकी ज़िंदगी खुद अंधेरे से जूझती रहती है। गोविंद आज हॉस्पिटल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है, और हम सबकी मानवता, हमारी व्यवस्था की संवेदनशीलता की अग्निपरीक्षा हो रही है।

अब देखना ये है कि गोविंद के इलाज, परिवार की सहायता और इस लापरवाही पर जवाबदेही तय होती है या नहीं।

यूपी खबर इस मामले पर पैनी नज़र बनाए हुए है। गोविंद की सलामती की हम दुआ करते हैं, लेकिन साथ ही यह भी माँग करते हैं कि संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएँ—क्योंकि हर गोविंद की ज़िंदगी की कीमत है।

Published By : SANDEEP KR SRIVASTAVA Updated : Fri, 04 Apr 2025 03:03 PM (IST)
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Tags: varanasi news bijli vibhaag road accident

Category: local news uttar pradesh

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