डीएलडब्ल्यू मेंस यूनियन के नेतृत्व में कंट्रीब्यूटरी सिस्टम के विरोध में प्रदर्शन व रैली का आयोजन

वाराणसी में ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के तहत बीएलडब्ल्यू में कर्मचारियों ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसमें महंगाई भत्ते के विलय और निजीकरण पर रोक लगाने की प्रमुख मांगें उठाई गईं।

Fri, 21 Feb 2025 18:19:50 - By : Dilip kumar

वाराणसी: ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF), नई दिल्ली द्वारा घोषित "देशव्यापी मांग दिवस" के तहत बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बीएलडब्ल्यू) में डीएलडब्ल्यू मेंस यूनियन के नेतृत्व में जोरदार रैली और प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के अंतर्गत कंट्रीब्यूटरी सिस्टम के विरोध में किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में रेलवे कर्मचारी शामिल हुए।

प्रदर्शन की शुरुआत शाम 4:00 बजे कारखाने के सायरन बजते ही हुई, जब बड़ी संख्या में कर्मचारी कारखाने के पश्चिमी गेट पर एकत्रित हुए और विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारी यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के अंतर्गत 10% योगदान प्रणाली को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताते हुए इसे तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा, प्रदर्शनकारियों ने बेसिक वेतन में 50% महंगाई भत्ते (डीए) के विलय, कैडर रिस्ट्रक्चरिंग रिपोर्ट को शीघ्र लागू करने, जर्जर रेलवे आवासों को मल्टी स्टोरी आवास से बदलने और रेलवे के निजीकरण एवं निगमीकरण पर तत्काल रोक लगाने जैसी प्रमुख मांगों को जोरदार तरीके से उठाया।

प्रदर्शनकारी रैली के रूप में पश्चिमी गेट से प्रशासनिक भवन तक पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी आवाज़ बुलंद की। इस दौरान यूनियन के महामंत्री अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार द्वारा एनपीएस (NPS) की जगह प्रस्तावित UPS में कर्मचारियों के वेतन से 10% कटौती का प्रावधान पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि यूनियन इस प्रणाली को खत्म कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।

AIRF के जोनल सेक्रेटरी डॉक्टर प्रदीप शर्मा ने कहा कि आठवें वेतन आयोग की बैठक से पहले ही 50% डीए को बेसिक पे में समायोजित किया जाना चाहिए, जैसा कि सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट में उल्लिखित है। वहीं, पूर्व संयुक्त सचिव अमर सिंह ने कैडर रिस्ट्रक्चरिंग रिपोर्ट को शीघ्र लागू करने की मांग उठाई ताकि कर्मचारियों को पदोन्नति का उचित अवसर मिल सके।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से यूनियन नेता अरविंद प्रधान, कमलेश सिंह, त्रिलोकी नाथ सिंह, शिवबालक प्रसाद, नवीन राय, आशुतोष कुमार, नरेंद्र सिंह भंडारी, एस.पी. राय, वीरेश पांडेय, अरुणेंद्र कुमार, अनंत सिंह, शिवकुमार यादव, संतोष कुमार, प्रदीप पॉल, मनीष त्रिपाठी, राजेश सिंह, संजय शुक्ल, संतोष शुक्ला, रंजीत सिंह, अरुण विश्वकर्मा, मनोज कुमार समेत सैकड़ों कर्मचारी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से अपील की कि उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाए और जल्द से जल्द उचित समाधान निकाला जाए। यूनियन ने यह भी चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

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