उत्तर-प्रदेश: 1 अप्रैल से महंगा होगा टोल, NHAI ने जारी की नई दरें, जेब पर पड़ेगा असर

उत्तर प्रदेश में 1 अप्रैल 2025 से टोल की दरें बढ़ेंगी, जिससे लखनऊ, वाराणसी, और अयोध्या समेत कई जिलों में वाहन चालकों पर असर पड़ेगा, NHAI ने नई दरों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

Sat, 29 Mar 2025 10:05:47 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा पर सफर करने वाले वाहन चालकों को अब अपनी जेब और ढीली करनी पड़ेगी। पहली अप्रैल 2025 से प्रदेश में टोल दरें बढ़ने जा रही हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने टोल दरों में संशोधन कर नई दरों का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है, जो 31 मार्च की रात 12 बजे से प्रभावी होगा।

इस बढ़ोतरी का असर लखनऊ, वाराणसी, गाजीपुर, मिर्जापुर, नवाबगंज, बाराबंकी, सुलतानपुर, अयोध्या, रायबरेली समेत अन्य जिलों में पड़ेगा। इन मार्गों से रोजाना औसतन 10 लाख छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। एनएचएआई के अनुसार, टोल दरों में 5 से 10 रुपये की वृद्धि की गई है, वहीं मासिक पास की कीमत भी बढ़ा दी गई है।

किन टोल प्लाजा पर लगेगा महंगा टोल:

एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया ने जानकारी दी कि हर वर्ष टोल दरों की समीक्षा की जाती है और महंगाई दर के अनुसार उनमें बदलाव किया जाता है। इस बार भी नियमानुसार टोल की दरें संशोधित की गई हैं। लखनऊ परिक्षेत्र के प्रमुख टोल प्लाजा जहां नई दरें लागू होंगी, उनमें शामिल हैं:

उन्नाव - नवाबगंज टोल प्लाजा

बाराबंकी - अहमदपुर, बारा, शाहबपुर टोल प्लाजा

अयोध्या - रौनाही टोल प्लाजा

लखनऊ - दखिना टोल प्लाजा

बहराइच - आनी, गुलालपुरवा, दुलारपुर टोल प्लाजा

बलरामपुर - बड़ागांव टोल प्लाजा

सुल्तानपुर - असरोगा टोल प्लाजा


वाहन चालकों की बढ़ेगी मुश्किलें:

टोल की बढ़ी दरों से रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों की जेब पर असर पड़ेगा। खासतौर पर उन लोगों को ज्यादा खर्च करना होगा, जो रोजाना इन मार्गों से अपने कामकाज के लिए गुजरते हैं।

एनएचएआई का तर्क:

एनएचएआई के अनुसार, टोल दरों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण सड़क रखरखाव, नए राजमार्गों के निर्माण, डिजिटल भुगतान प्रणाली को सुदृढ़ करने और अन्य विकास कार्यों में निवेश को बढ़ावा देना है। हर साल टोल की समीक्षा की जाती है और उसके अनुसार संशोधन किए जाते हैं।

यात्री बोले- पहले ही महंगाई चरम पर, अब और बोझ

स्थानीय वाहन चालकों और यात्रियों ने टोल बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पहले ही ईंधन की कीमतों और अन्य वस्तुओं के दाम बढ़े हुए हैं, अब टोल दरों में वृद्धि से यात्रा खर्च और बढ़ जाएगा। व्यापारियों ने भी इस वृद्धि पर असंतोष व्यक्त किया है, क्योंकि इससे परिवहन लागत में इजाफा होगा और सामान महंगा पड़ेगा।

सरकार और एनएचएआई ने हालांकि साफ कर दिया है कि यह बढ़ोतरी वार्षिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इससे सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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