वाराणसी: पूर्व सपा सभासद की पीड़ा, बेटे की दुर्घटना का नहीं हुआ खुलासा - पुलिस पर लगाए आरोप

रामनगर में पूर्व सपा सभासद संजय यादव ने अपने बेटे दीपक की सड़क दुर्घटना के 40 दिन बाद भी पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए।

Fri, 31 Jan 2025 15:17:45 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: एक पिता के लिए सबसे बड़ा दर्द अपने बेटे को खोने का होता है, और जब न्याय की उम्मीद भी धुंधली पड़ जाए, तो यह दर्द और भी असहनीय हो जाता है। रामनगर के पूर्व सपा सभासद संजय यादव अपने बेटे दीपक यादव की दुर्घटना के खुलासे के लिए दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन 40 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की निष्क्रियता ने उनके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है।

संजय यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि रामनगर पुलिस ने भाजपा के एक वरिष्ठ कारोबारी नेता की दुकान में हुई चोरी का खुलासा करने के लिए दिन-रात मेहनत की। 16 दिनों तक 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और आखिरकार चोरी का खुलासा कर भाजपा नेताओं को खुश कर दिया गया। लेकिन उनके बेटे दीपक यादव की सड़क दुर्घटना किस गाड़ी से हुई, यह जानने के लिए पुलिस के पास समय नहीं है।

पूर्व सभासद ने यह भी सवाल उठाया कि क्या वर्तमान भाजपा सरकार में विपक्ष से जुड़े लोगों के लिए न्याय मांगना भी एक अपराध बन गया है? उन्होंने कहा, क्या यह सरकार विपक्ष से जुड़े लोगों के साथ अन्याय को ही नीति बना चुकी है? अगर मेरा बेटा किसी भाजपा नेता का बेटा होता, तो क्या तब भी पुलिस इतनी लापरवाह रहती?

रामनगर थाना प्रभारी और उनकी टीम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए संजय यादव ने कहा कि जब पुलिस 16 दिन में एक चोरी का खुलासा कर सकती है, तो 40 दिन बाद भी उनके बेटे की दुर्घटना की गुत्थी क्यों नहीं सुलझा पाई? क्या पुलिस पर राजनीतिक दबाव है, या फिर विपक्षी नेताओं के परिवार के साथ न्याय करने में कोई रुचि नहीं?

संजय यादव ने रामनगर के वरिष्ठ भाजपा नेताओं, मीडिया, समाज के प्रबुद्ध लोगों और अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि क्या उन्हें अपने बेटे की मौत का सच जानने का हक नहीं है? उन्होंने कहा, क्या मुझे अपने बेटे की मौत की सच्चाई जाने बिना ही बेबस रहकर पुलिस की कार्यशैली पर आंसू बहाने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा?

इस मामले ने प्रशासन और सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या रामनगर पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द खुलासा करेगी, या फिर यह मामला भी अन्य अनसुलझे मामलों की फाइलों में दबकर रह जाएगा? यह देखने वाली बात होगी कि क्या संजय यादव को उनके बेटे की मौत का सच जानने का हक मिलेगा या नहीं।

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