लखनऊ: शोर कर रहे छात्रों को रोकने पर, महिला को मारी गोली, हुई दर्दनाक मौत

लखनऊ के सैरपुर में एक महिला, सारिका श्रीवास्तव, को छात्रों के झगड़े के दौरान शांति बनाए रखने के लिए कहने पर गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई और इलाके में दहशत फैल गई।

Sun, 23 Mar 2025 12:11:53 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

लखनऊ: सैरपुर थाना क्षेत्र स्थित ब्रिजधाम कॉलोनी रविवार की सुबह उस दिल दहला देने वाली रात की गवाही दे रही थी, जब एक मासूम अनुरोध, इंसानियत की लाश बनकर जमीन पर गिर पड़ा। महज शांति की उम्मीद लिए छत से नीचे उतरीं सारिका श्रीवास्तव (43) को क्या मालूम था कि कुछ छात्र उनकी ज़िंदगी के आख़िरी सांसों के गवाह बनेंगे।

शनिवार की रात करीब 12 बजे कॉलोनी में स्थित अनीता नायक हॉस्टल के बाहर छात्रों के झगड़े और हंगामे से कॉलोनी गूंज रही थी। सारिका जी, जो अपने पति के साथ रात के सन्नाटे में छत पर टहलते हुए अपने कल के सपनों में खोई होंगी, अचानक इस शोरगुल से विचलित हो उठीं। पति से इजाजत लेकर नीचे आईं, ताकि छात्रों को सिर्फ इतना समझा सकें कि रात है, बाकी लोग सो रहे हैं, कृपया शोर न करें।

पर कौन जानता था कि आजकल के कुछ नौजवानों के हाथों में किताबों की जगह तमंचा है, और ज़रा सी टोकाटाकी पर उनका घमंड खून के रंग में नहाने लगता है। छात्रों ने जब अभद्रता दिखाई, तो सारिका जी ने उन्हें चेतावनी दी, अगर नहीं माने तो पुलिस बुलानी पड़ेगी। बस इतना सुनते ही एक छात्र ने आव देखा न ताव, जेब से तमंचा निकाला और इंसानियत के सीने में गोली दाग दी।

खून से लथपथ ज़मीन पर गिरीं सारिका श्रीवास्तव के लिए समय वहीं थम गया। पति ने भागते हुए उन्हें अस्पताल पहुँचाया, पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक परिवार उजड़ गया, एक कॉलोनी सन्न रह गई, और लखनऊ की हवा में रातभर इंसाफ की गूंज सुनाई देती रही।

अनीता नायक हॉस्टल के आठ छात्रों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। शुरुआती पूछताछ में मिली जानकारी से यह भी सामने आया है कि कॉलोनी के निवासी पहले भी हॉस्टल प्रबंधन से छात्रों के दुर्व्यवहार की शिकायत कर चुके थे। सारिका के पति, जो फार्मा कंपनी में एरिया सेल्स मैनेजर हैं, ने सात महीने पहले ही हॉस्टल मालिक से गुज़ारिश की थी। इसे फैमिली को किराए पर दे दीजिए, माहौल खराब हो रहा है। पर अफ़सोस, तब किसी ने नहीं सुना।

आज न सिर्फ एक महिला की हत्या हुई है, बल्कि समाज के संवेदनशील ताने-बाने पर भी वार हुआ है। यह घटना महज एक हत्या नहीं, यह उस असंवेदनशीलता का आईना है जिसमें आज कुछ युवा अपने हाथ में हथियार लेकर खुद को कानून से ऊपर समझ बैठते हैं।

क्या हमारा समाज अब इतना असहिष्णु हो चुका है कि रात के सन्नाटे में शांति की मांग करना जानलेवा हो जाए:

लखनऊ पुलिस के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों पर कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच जारी है, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी।

लेकिन सवाल यही है, क्या न्याय सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी से पूरा होगा? या फिर हमें मिलकर इस खोखली होती जा रही मानसिकता की भी जांच करनी होगी, जहां गुस्सा हथियार बन जाता है और पड़ोसी की फिक्र मौत का सबब।

आज ब्रिजधाम कॉलोनी की हर सांस, हर दरवाजा यही पूछ रहा है , क्या किसी की नींद बचाने की कीमत, उसकी जिंदगी है।

संवेदनशील अपील:
यूपी खबर पाठकों से अपील करता है कि ऐसी किसी भी असामाजिक गतिविधि की जानकारी तत्काल स्थानीय पुलिस या प्रशासन को दें। एक सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज हम सबकी साझी जिम्मेदारी है।

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