Thu, 03 Apr 2025 11:58:56 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
जौनपुर: सरायख्वाजा थाना क्षेत्र स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के हॉस्टल में एमएससी बायोटेक्नोलॉजी की छात्रा शिवांगी मिश्रा (24) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना से विश्वविद्यालय परिसर में सनसनी फैल गई, वहीं परिवार में मातम पसर गया।
एक महीने पहले हुई थी सगाई, शादी की चल रही थी तैयारियां:
शिवांगी की आत्महत्या की खबर सुनते ही परिवार के लोगों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि एक महीने पहले ही उसकी सगाई हुई थी और अगले महीने शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। परिवार वाले इस अकल्पनीय घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। एक होनहार बेटी जिसने अभी जीवन की नई राह पर कदम भी नहीं रखा था, आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि उसने आत्महत्या का रास्ता चुन लिया।
आखिरी बार होने वाले पति से हुई थी बात:
सूत्रों के मुताबिक, आत्महत्या से ठीक पहले शिवांगी ने अपने होने वाले पति से फोन पर बात की थी। बातचीत में क्या हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची:
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, सीओ सिटी और सीओ सदर के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। विश्वविद्यालय प्रशासन भी तत्काल हरकत में आया और हॉस्टल में जांच शुरू कर दी गई। शिवांगी का शव कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां परिजनों की चीख-पुकार ने माहौल को और गमगीन कर दिया।
पुलिस कर रही है जांच, क्या था आत्महत्या का कारण:
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। यह आत्महत्या निजी कारणों से हुई या इसके पीछे कोई और वजह थी, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच के बाद हो सकेगा। वहीं, पुलिस ने परिजनों से भी बातचीत शुरू कर दी है।
शिक्षा जगत में छाई शोक की लहर:
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों और शिक्षकों में इस घटना से गहरा दुख है। शिवांगी एक मेधावी छात्रा थी और उसकी आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा जगत में बढ़ते मानसिक तनाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चर्चा हो रही है।
मानवीय संवेदना की पुकार:
शिवांगी की आत्महत्या केवल एक खबर नहीं, बल्कि समाज के लिए एक आईना भी है। आज युवा पीढ़ी किस मानसिक तनाव से गुजर रही है, इसे समझना बेहद जरूरी हो गया है। परिवार, दोस्तों और समाज को एक साथ मिलकर इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता फैलानी होगी, ताकि भविष्य में कोई और शिवांगी इस राह पर न जाए।