Fri, 07 Mar 2025 18:30:01 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
चंदौली: असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य कल 8 मार्च, 2025 को चंदौली के गंगाधर पुरम कॉलोनी, कबीरपुर रामनगर स्थित पिछड़ा आयोग के सदस्य सत्येंद्र बारी उर्फ बीनू के आवास पर पहुंचेंगे। यहां वह हाल ही में निधन हुई सत्येंद्र बारी की माता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देंगे।
राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य का यह दौरा स्थानीय लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। उनके आगमन की तैयारियां जोरों पर हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। राज्यपाल के दल के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ रहेंगे।
सत्येंद्र बारी, जो पिछड़ा आयोग के सदस्य हैं, की माता जी का कुछ दिन पहले निधन हो गया था। इस दुःखद घटना के बाद से ही परिवार और उनके समर्थक गहरे शोक में हैं। राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य के आगमन से परिवार को मनोबल मिलने की उम्मीद है। राज्यपाल ने इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होकर संवेदनशीलता और सामाजिक एकता का संदेश दिया है।
राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य 8 मार्च, दिन शनिवार 2025 को दोपहर 12:30 बजे चंदौली के गंगाधर पुरम कॉलोनी, कबीरपुर रामनगर स्थित सत्येंद्र बारी के आवास पर पहुंचेंगे। यहां वह परिवार के सदस्यों से मिलकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। इसके बाद वह परिवार के साथ कुछ समय बिताएंगे और उन्हें सांत्वना देंगे।
इस अवसर पर स्थानीय नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के उपस्थित रहने की संभावना है। राज्यपाल के इस कदम को सामाजिक एकता और संवेदनशीलता का प्रतीक माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राज्यपाल का यह दौरा न केवल शोक संतप्त परिवार के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है।
चंदौली प्रशासन ने राज्यपाल के दौरे को लेकर पुख्ता तैयारियां की हैं। सुरक्षा के अलावा, सफाई और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि राज्यपाल के दौरे के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पूरी टीम तैनात की गई है।
राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य का यह दौरा न केवल शोक संतप्त परिवार के लिए बल्कि पूरे चंदौली क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। उनकी यह पहल सामाजिक एकता और संवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। स्थानीय लोगों ने राज्यपाल के इस कदम की सराहना की है और इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।