गाजीपुर: तेज रफ्तार ने बुझा दिया परिवार का चिराग – स्कूटी सवार युवक की मौत, गांव में मचा हड़कंप

गाजीपुर के रेवतीपुर में ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने दो स्कूटी सवार युवकों को कुचल दिया, जिसमे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

Fri, 04 Apr 2025 14:38:27 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

गाजीपुर: जिले के रेवतीपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसे की खबर आई है, जिसने न केवल एक परिवार का उजाला छीन लिया, बल्कि पूरे गांव को शोक की चादर में लपेट दिया। शुक्रवार की सुबह जब अधिकतर लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे, उसी समय यादव बस्ती के समीप ताड़ीघाट-बारा नेशनल हाईवे 124C पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने दो स्कूटी सवार युवकों को बेरहमी से कुचल दिया। इस हृदयविदारक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।

मृतक की पहचान रेवतीपुर के रामवृक्ष का पूरा निवासी उपेंद्र यादव (20) के रूप में हुई है। वह अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसके साथ स्कूटी पर सवार उसका चचेरा भाई गोलू यादव (17) भी था, जो इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया है। दोनों पटना जा रहे थे, जहां उपेंद्र की परीक्षा थी—लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवक जब अपने घर के सामने हाईवे पार कर रहे थे, तभी बारा की ओर जा रहे एक बेकाबू ट्रेलर ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर आगे खड़े एक ट्रैक्टर से भी जा टकराया। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। उपेंद्र की मां गीता देवी की चीखें सुनकर हर किसी की आंखें भर आईं। हमार ललना गइल... अब के देखी हम, ये कहते हुए गीता देवी बेसुध हो गईं। गांव की हर गली में मातम पसरा था, और लोग यह सोचने पर मजबूर थे कि एक होनहार, मेहनती और आज्ञाकारी बेटा यूं असमय कैसे चला गया।

गुस्साए ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और लगभग चार घंटे तक हाईवे जाम रहा। राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन किसी को भी गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों को शांत कराने की जल्दी नहीं थी।

मौके पर पहुंचे एसडीएम लोकेश कुमार ने हालात को संभाला और आश्वासन दिया कि दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और गोलू का इलाज गाजीपुर सदर अस्पताल में जारी है।

इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक हमारे युवा रफ्तार और लापरवाही की बलि चढ़ते रहेंगे? क्या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं कि हाईवे पर सुरक्षा के इंतज़ाम बेहतर किए जाएं।

आज उपेंद्र तो चला गया, लेकिन उसके पीछे एक ऐसा सूनापन छोड़ गया है, जो उसके माता-पिता, परिवार और गांव वालों की आंखों से कभी नहीं मिटेगा।

यूपी खबर मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है और प्रशासन से अपील करता है कि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई हो तथा हाईवे की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसी और मां की गोद यूं सूनी न हो।

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