गाजीपुर: खानपुर में दिनदहाड़े डबल मर्डर, अज्ञात हमलावरों ने दो युवकों को गोलियों से भूना

गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के उचौरी मलहिया बागीचे में अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दो युवकों, अमन चौहान और अनुराग सिंह, की निर्मम हत्या कर दी, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई.

Fri, 21 Mar 2025 14:39:53 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

गाजीपुर: जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के उचौरी मलहिया बागीचे में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना ने मानवता को झकझोर कर रख दिया। सुबह करीब 11:30 बजे दो बाइक पर सवार चार अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दो युवकों की निर्मम हत्या कर दी। मृतकों की पहचान चिलौनाकला रामपुर निवासी अमन चौहान (20 वर्ष) और अनुराग सिंह (20 वर्ष) के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को मौके से हटाने से इनकार कर दिया और डीएम तथा एसपी के मौके पर बुलाए जाने की मांग पर अड़ गए।

सुबह रोज़ की तरह अमन और अनुराग मलहिया बागीचे में बैठे हुए थे। तभी अचानक दो बाइक पर आए चार नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलियां चलाईं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण दौड़े, लेकिन तब तक हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे। दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

सूचना मिलते ही खानपुर थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची, लेकिन आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को उठाने से मना कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि जिले के डीएम और एसपी स्वयं घटनास्थल पर आकर स्थिति का जायजा लें।

अमन और अनुराग की नृशंस हत्या ने गांव में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मां-बाप के कलेजे के टुकड़े दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर दिए गए। ग्रामीणों की आंखों में आंसू और दिलों में गुस्सा साफ देखा जा सकता है। यह कोई मामूली आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि समाज और कानून व्यवस्था पर गहरा सवाल है।

घटना की जानकारी मिलते ही एसपी सिटी ज्ञानेंद्र प्रसाद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। पुलिस ने घटनास्थल से तीन खोखा भी बरामद किए हैं। लेकिन खबर लिखे जाने तक पुलिस शवों को नहीं उठा सकी थी। सुबह 11:30 बजे से लेकर दोपहर 2 बजे तक प्रशासन ग्रामीणों को शांत करने में असफल रहा।

ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे और हत्यारों की गिरफ्तारी का ठोस आश्वासन नहीं देंगे, वे शव को उठाने नहीं देंगे।

यह घटना न केवल गाजीपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा कर रही है। बेखौफ अपराधियों द्वारा दिनदहाड़े हत्या और उसके बाद प्रशासनिक सुस्ती ने आम जनता को असुरक्षित महसूस कराया है।

डीएम और एसपी के मौके पर पहुंचने की मांग कर रहे ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रशासन के सामने एक तरफ अपराधियों को पकड़ने की चुनौती है तो दूसरी ओर जनता के गुस्से को शांत करने की।

एक ओर दो मासूम परिवारों ने अपने घर के चिराग खो दिए, तो दूसरी ओर कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा डगमगा रहा है। यह घटना केवल दो हत्याओं की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि अपराधी तत्वों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं।

अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर कितनी तेजी और गंभीरता दिखाता है, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके और आम जनता का भरोसा कायम रह सके।

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