Sun, 02 Mar 2025 09:27:42 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
आजमगढ़: शनिवार की रात आजमगढ़ जिले के बरदह थाना क्षेत्र के भैंसपुर गांव में एक हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसमें दो युवकों की मौत हो गई। शादी के जश्न में शामिल हो रहे ये युवक हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए, जबकि दूल्हा संभलते-संभलते बच गया। इस घटना ने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया।
मेहनगर थाना क्षेत्र के कुसमुलिया गांव निवासी सूरज (पुत्र राजाराम) की बारात बरदह के भैंसपुर गांव में लालचंद सरोज के यहां पहुंच रही थी। दूल्हा रथ पर सवार होकर रोड लाइट के साथ वधू के घर की ओर बढ़ रहा था। घटना तब हुई जब बारात वधू के घर से कुछ कदम दूर रुकी। दूल्हे के रथ के साथ चल रहे दो युवक सिर पर रोड लाइट ले जा रहे थे। इसी दौरान वे रास्ते में लटके हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गए।
बिजली के झटके से १७ वर्षीय गोलू (पुत्र बालकिशन) और २५ वर्षीय मंगरु (पुत्र राजाराम) की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों मेहनगर के बेनुवंशी जवाहर नगर वार्ड के निवासी थे। इसी घटना में दूल्हा सूरज भी गंभीर रूप से झुलस गया, लेकिन लोगों ने उसे तुरंत रथ से उतारकर अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद शादी का माहौल एकाएक सिसकियों में बदल गया। रिश्तेदारों और मेहमानों में कोहराम मच गया। महिलाओं की चीखें सुनाई देने लगीं। पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बरदह पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन तारों का निचला स्तर और बिजली विभाग की लापरवाही इस घटना का मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि रथ की ऊंचाई और रोड लाइट के साथ चलने वाले युवकों को तारों का आभास ही नहीं हुआ। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आबादी वाले इलाके में इतने नीचे हाईटेंशन तार क्यों लटके हुए हैं?
स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली विभाग को इस खतरनाक तार के बारे में पहले ही अवगत कराया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ ने घटना पर संवेदना जताते हुए मृतकों के परिवार को मुआवजे का आश्वासन दिया है।
मंगरु और गोलू के परिवार वाले शोक में डूबे हैं। गोलू तो अभी स्कूल जाता था और मंगरु परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। गांव में मृतकों के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है।
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली तारों की लापरवाह स्थापना की ओर इशारा करती है। प्रशासन को ऐसे खतरनाक स्थानों का तुरंत निरीक्षण करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां टाली जा सकें।