UP KHABAR
Search Icon
UP KI BAAT DESH KE SATH

वाराणसी: कबीरचौरा अस्पताल के ब्लड बैंक में लगी आग, 45 मिनट में पाया गया काबू

वाराणसी: कबीरचौरा अस्पताल के ब्लड बैंक में लगी आग, 45 मिनट में पाया गया काबू

वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय के ब्लड बैंक में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई, दमकल विभाग ने तत्परता से आग पर काबू पाया, शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

वाराणसी: मंगलवार सुबह वाराणसी के कबीरचौरा स्थित मंडलीय चिकित्सालय के ब्लड बैंक में अचानक आग लग गई, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटें उठती देख अस्पताल के कर्मचारियों और मरीजों के परिजनों में घबराहट फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया गया। दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

कैसे लगी आग, प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका:

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आग ब्लड बैंक के स्टोर रूम में लगी, जहां महत्वपूर्ण दस्तावेज, दवाइयां और अन्य चिकित्सा से संबंधित सामग्रियां रखी जाती थीं। अस्पताल के एसआईसी डॉ. एस.पी. सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। उन्होंने कहा, "स्टोर रूम में आग लगी थी, जहां हमारे कर्मचारी बैठते हैं और कुछ अलमारियां भी रखी थीं, जिनमें महत्वपूर्ण रिकॉर्ड फाइलें संग्रहीत की जाती थीं। आग इतनी तेजी से फैली कि कर्मचारियों को संभलने का समय नहीं मिला। हालांकि, दमकल विभाग की तत्परता से बड़ी हानि टल गई।"

दमकल विभाग की तत्परता से बची बड़ी घटना:

चेतगंज फायर कंट्रोल रूम को सुबह 6:43 बजे आग की सूचना मिली। सूचना मिलते ही चेतगंज फायर स्टेशन और कोतवाली फायर स्टेशन से दो फायर टेंडर तुरंत मौके पर रवाना किए गए। फायर ऑफिसर सेकेंड ऋषभ दुबे ने बताया कि कुल 8 दमकल कर्मियों और 4 हेड कांस्टेबलों की सहायता से आग बुझाने का कार्य किया गया। 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह से काबू में कर लिया गया। दमकलकर्मियों की मुस्तैदी के कारण आग ज्यादा फैलने से पहले ही बुझा दी गई, जिससे ब्लड बैंक को किसी बड़ी क्षति से बचाया जा सका। यदि आग ब्लड स्टोरेज यूनिट तक पहुंच जाती, तो भारी नुकसान हो सकता था।

कितना हुआ नुकसान, दस्तावेज जलकर राख, ब्लड स्टोरेज सुरक्षित:

ब्लड बैंक के स्टोर रूम में रखी कई महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए। इन दस्तावेजों में मरीजों के रिकॉर्ड, रक्तदान से संबंधित डेटा और अन्य प्रशासनिक फाइलें शामिल थीं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि ब्लड स्टोरेज यूनिट को कोई क्षति नहीं पहुंची, जिससे रक्तदान और रक्त आपूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।

आग लगने की घटना की जांच जारी, लापरवाही की होगी पड़ताल:

आग लगने की घटना के बाद अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस घटना में कोई लापरवाही तो नहीं हुई थी। एसआईसी डॉ. एस.पी. सिंह ने कहा, हम यह सुनिश्चित करने के लिए जांच कर रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। आग लगने की सटीक वजह का पता लगाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों की पोल खुली:

इस घटना ने अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा उपायों की जरूरत को फिर से उजागर कर दिया है। अक्सर देखा जाता है कि अस्पतालों में अग्निशमन उपकरण या तो अनुपयोगी होते हैं या फिर उनका रखरखाव सही तरीके से नहीं किया जाता। इस घटना के बाद प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित अग्नि सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।

स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की मुस्तैदी से बची बड़ी क्षति:

स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे अस्पताल में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। हालांकि, इस घटना से अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा नियमों के पालन की अनिवार्यता और सतर्कता की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। अस्पताल प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए जाएं।

Published By : SANDEEP KR SRIVASTAVA Updated : Tue, 01 Apr 2025 09:34 AM (IST)
FOLLOW WHATSAPP CHANNEL

Tags: varanasi fire blood bank fire short circuit fire

Category: breaking news uttar pradesh news

LATEST NEWS