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वाराणसी: मुंबई अंडरवर्ल्ड का कुख्यात चेहरा अब जेल में, अस्पताल से रचता रहा साजिशें

वाराणसी: मुंबई अंडरवर्ल्ड का कुख्यात चेहरा अब जेल में, अस्पताल से रचता रहा साजिशें

मुंबई अंडरवर्ल्ड के कुख्यात सुभाष ठाकुर, जो दाऊद इब्राहिम के गुरु थे, को पांच साल बाद बीएचयू अस्पताल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे स्वास्थ्य जांच में पूरी तरह से स्वस्थ पाया, जबकि वह अस्पताल में रहकर अपनी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

वाराणसी: मुंबई अंडरवर्ल्ड का कुख्यात नाम और कभी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का गुरु रहे सुभाष ठाकुर को पांच साल बाद बीएचयू अस्पताल से फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेजा गया है। खुद को बीमार बताने वाले ठाकुर की चालों पर पुलिस की कड़ी नजर थी। बीएचयू अस्पताल में भर्ती रहते हुए उसने न केवल स्वास्थ्य का बहाना बनाया, बल्कि अपनी आपराधिक गतिविधियों को भी अंजाम दिया।

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा गठित 12 डॉक्टरों के पैनल ने सुभाष ठाकुर को पूरी तरह स्वस्थ घोषित किया। ठाकुर लंबे समय से गुर्दे, पेट और आंखों की गंभीर बीमारियों का दावा कर रहा था। 2019 में उसे बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन मेडिकल जांच में उसके दावे खारिज हो गए। पांच साल तक अस्पताल के विशेष वार्ड में रहने के बाद अब उसे जेल भेज दिया गया है।

अस्पताल में रहते हुए भी सुभाष ठाकुर ने अपने अपराधों को जारी रखा। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, उसने 2022 में मुंबई के विरार इलाके में बिल्डर समय चौहान की हत्या की साजिश रची। पूर्वांचल से शूटर बुलाकर इस हत्या को अंजाम दिलवाया गया। इस साजिश ने यह साबित कर दिया कि अस्पताल से ही वह अपनी आपराधिक गतिविधियों को संचालित कर रहा था।

वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के नेवादा गांव निवासी सुभाष ठाकुर उर्फ सुभाष राय उर्फ बाबा 90 के दशक में मुंबई अंडरवर्ल्ड का कुख्यात चेहरा बन चुका था। उसने हत्या, हत्या के प्रयास और टाडा एक्ट के तहत कई संगीन अपराध किए। 1992 में उसे दोषी ठहराया गया और 2000 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
सुभाष ठाकुर और दाऊद इब्राहिम के संबंध 90 के दशक में चर्चा का विषय थे। कभी दाऊद का गुरु माने जाने वाले ठाकुर के साथ 1993 के मुंबई बम धमाकों के बाद रिश्ते खराब हो गए। 1992 में दाऊद के बहनोई इस्माइल इब्राहिम की हत्या के बाद बदला लेने के लिए जेजे अस्पताल में हुई फायरिंग में ठाकुर का हाथ पाया गया। इस घटना ने ठाकुर और दाऊद के बीच दुश्मनी को जन्म दिया।

सुभाष ठाकुर ने 80 के दशक में काम की तलाश में मुंबई का रुख किया। जल्द ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और बिल्डरों से रंगदारी वसूलने और हत्या जैसे संगीन अपराध किए। मुंबई और दिल्ली में उसके खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास समेत 10 मुकदमे दर्ज हुए। इनमें से चार में वह दोषमुक्त हो चुका है, लेकिन एक मामले में वह आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।

वाराणसी में सुभाष ठाकुर के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं। 1982 में फूलपुर थाने में और 1991 में शिवपुर थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हुए। हालांकि, फूलपुर का मामला गायब हो चुका है, जबकि शिवपुर का मामला अभी लंबित है।

पांच साल तक बीएचयू अस्पताल में रहकर दिखावा करने के बाद आखिरकार सुभाष ठाकुर को जेल भेज दिया गया है। कभी अंडरवर्ल्ड का बड़ा नाम रहे सुभाष ठाकुर का अपराध साम्राज्य अब खत्म होता दिख रहा है। अब कानून की नजर में वह केवल एक सजायाफ्ता अपराधी है, जो अपनी बाकी सजा जेल में काटेगा।

Published By : SANDEEP KR SRIVASTAVA Updated : Tue, 28 Jan 2025 12:49 PM (IST)
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Tags: subhash thakur gangster varanasi news central jail

Category: crime uttar pradesh

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