UP KHABAR
Search Icon
UP KI BAAT DESH KE SATH

पीएम मोदी 3 अप्रैल से थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा पर, समुद्री नीति होगी सुदृढ़

पीएम मोदी 3 अप्रैल से थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा पर, समुद्री नीति होगी सुदृढ़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अप्रैल से थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा पर जाएंगे, जिसका उद्देश्य भारत की महासागर नीति को सुदृढ़ करना, क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करना है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 3 अप्रैल से दक्षिण एशियाई देशों थाईलैंड और श्रीलंका की महत्वपूर्ण आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। इस यात्रा का उद्देश्य भारत की नई घोषित 'महासागर नीति' को सुदृढ़ करना, क्षेत्रीय सहयोग को विस्तारित करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता एवं समृद्धि सुनिश्चित करना है। यह दौरा न केवल कूटनीतिक स्तर पर बल्कि आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा की शुरुआत 3 अप्रैल को थाईलैंड से करेंगे, जहां वे 3 से 4 अप्रैल तक बैंकॉक में आयोजित छठे ‘बिम्सटेक’ (बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक को-ऑपरेशन) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस सम्मेलन में बिम्सटेक सदस्य देशों के नेताओं के साथ क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने, तथा सुरक्षा और व्यापार के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

बिम्सटेक में शामिल देश: भारत के अलावा बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड इस संगठन के सदस्य हैं।

इस शिखर सम्मेलन का मुख्य फोकस:
व्यापार और आर्थिक सहयोग: सदस्य देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और अधिक मजबूत करना।

सुरक्षा और आतंकवाद-निरोधक रणनीति: क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा।

संस्थानिक सुधार और क्षमता निर्माण: बिम्सटेक संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: सदस्य देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए नए प्रोजेक्ट्स और सहयोग पर चर्चा।

श्रीलंका यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगा नया आयाम

थाईलैंड के बाद प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका का दौरा करेंगे, जहां वे श्रीलंकाई नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं, जिन्हें इस यात्रा के माध्यम से और गहरा किया जाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान प्रमुख बिंदु:

व्यापार और निवेश: भारत और श्रीलंका के बीच व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।

सामरिक और समुद्री सुरक्षा सहयोग: हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच गहरा सहयोग होगा।

संस्कृतिक और पर्यटन को बढ़ावा:
दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाएं:
भारत द्वारा श्रीलंका में विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को लेकर चर्चा होगी।

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक भूमिका:
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। भारत की नई महासागर नीति का उद्देश्य क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करना। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा देना। सुरक्षा और सामरिक संबंधों को मजबूत करना है।

यात्रा का महत्व और संभावित प्रभाव:
1. क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा: बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के माध्यम से भारत दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करेगा।

2. भारत-श्रीलंका संबंधों में नया मोड़: द्विपक्षीय वार्ताओं से दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।

3. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नेतृत्व: इस दौरे के माध्यम से भारत अपनी महासागर नीति को और प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

4. व्यापार और निवेश के नए अवसर: इस यात्रा से भारतीय कंपनियों के लिए इन दोनों देशों में व्यापारिक अवसर खुलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा भारत की विदेश नीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी। यह दौरा भारत के कूटनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण को सशक्त करेगा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की स्थिति को और मजबूत करेगा। यह यात्रा भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित करेगी।

Published By : SANDEEP KR SRIVASTAVA Updated : Sat, 29 Mar 2025 09:58 AM (IST)
FOLLOW WHATSAPP CHANNEL

Tags: narendra modi thailand srilanka ocean policy

Category: india news political news

LATEST NEWS