वाराणसी: रविदास जयंती पर उमड़ा भक्तों का सैलाब, प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

वाराणसी में रविदास जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है, जिसके मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है और भक्तों के ठहरने, पेयजल और चिकित्सा जैसी सुविधाओं का उचित प्रबंध किया है।

Tue, 11 Feb 2025 22:09:55 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली पर इस वर्ष रविदास जयंती के आयोजन को लेकर प्रशासन और भक्तों की तैयारियां चरम पर हैं। देश-विदेश से हजारों अनुयायी संत शिरोमणि के दर्शन और आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं, जबकि मंगलवार तक श्रद्धालुओं की संख्या डेढ़ से दो लाख पार करने का अनुमान है। इसी को देखते हुए मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी एस. राजलिंगम और पुलिस कमिश्नर मोहित अगवाल समेत प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने जन्मस्थली का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।

आयोजन स्थल पर पहुंचे अधिकारियों ने ठहरने, पेयजल, बिजली और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने बताया कि महाकुंभ और रविदास जयंती दोनों के लिए भीड़ प्रबंधन की समन्वित रणनीति बनाई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी शिविर, अतिरिक्त टॉयलेट और चिकित्सा केंद्र स्थापित किए गए हैं। साथ ही, यातायात नियंत्रण के लिए पार्किंग और डायवर्जन प्लान भी तैयार किया गया है।

आयोजन को लेकर संत रविदास ट्रस्ट और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त बैठक के बाद सुरक्षा के लिए एक विशेष फोर्स गठित की गई है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों और जन्मस्थली पर सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ एंटी-टेरर टीमें तैनात हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है।

हालांकि, अब तक किसी बड़े राजनीतिक नेता के कार्यक्रम में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन ने सभी संभावित परिदृश्यों को ध्यान में रखते हुए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल तैयार किए हैं। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी विभिन्न दलों के नेताओं के आने की संभावना है।

इस वर्ष रविदास जयंती का आयोजन माघी पूर्णिमा स्नान के साथ होने के कारण घाटों पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है। प्रशासन ने गंगा घाटों से लेकर जन्मस्थली तक यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि हर संभव प्रयास किया गया है कि शांति और व्यवस्था बनी रहे।

वाराणसी की इस ऐतिहासिक धरोहर पर संत रविदास के संदेशों को स्मरण करते हुए यह आयोजन भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रतीक बनने जा रहा है। प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में श्रद्धालुओं से सार्वजनिक नियमों का पालन करने और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सतर्क रहने की अपील की गई है।

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