वाराणसी: अखिलेश यादव के गोबर वाले बयान पर भाजपा का प्रदर्शन, विधायक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने फूंका पुतला

वाराणसी में अखिलेश यादव के गौशाला और गोबर वाले बयान के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में प्रदर्शन किया और बीएचयू सिंहद्वार पर अखिलेश यादव का पुतला फूंका।

Wed, 02 Apr 2025 21:50:44 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA

वाराणसी: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा गौशाला और गोबर को लेकर दिए गए विवादित बयान के खिलाफ वाराणसी के कैन्ट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विधायक सौरभ श्रीवास्तव के नेतृत्व में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने बीएचयू सिंहद्वार पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने 'समाजवादी पार्टी मुर्दाबाद', 'गोमाता का अपमान - नहीं सहेगा हिंदुस्तान', 'अखिलेश यादव मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाकर विरोध प्रकट किया।

विशेष रूप से इस पुतले पर एक तरफ अखिलेश यादव तो दूसरी तरफ औरंगजेब की तस्वीर लगाई गई थी, जो प्रदर्शनकारियों के गुस्से का प्रतीक बनी। इस पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला।

विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने किया तीखा प्रहार:

विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, भाजपा संतुष्टीकरण की राजनीति करती है, जहां हर धर्म और संप्रदाय को समान दृष्टि से देखा जाता है। लेकिन समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त है। एक विशेष वर्ग को खुश करने के लिए सपा नेता हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान देते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव बार-बार भारतीय संस्कृति, इतिहास और परंपराओं पर प्रहार करते हैं। वह सोचते हैं कि मुसलमानों को खुश करने के लिए हिंदू विरोधी बयान देना आवश्यक है। लेकिन उनका यह रवैया उन्हें हिंदू विरोधी ही नहीं, बल्कि देश विरोधी भी साबित करता है।

विधायक श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि राणा संग्राम सिंह जैसे महापुरुषों का अपमान देश कभी सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में अखिलेश यादव के बयान का विरोध हो रहा है और यह स्पष्ट है कि सपा की सोच पूरी तरह से हिंदू विरोधी है।

भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी भागीदारी:

इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे। जिनमें प्रमुख रूप से अशोक पटेल, अशोक जायसवाल, अभिषेक मिश्रा, अमित राय, डॉ अनुपम गुप्ता, सृजन श्रीवास्तव, रवि जायसवाल, प्रीति सिंह, अनुराग शर्मा, मुकेश गुप्ता, सोमनाथ यादव, जीतेन्द्र पटेल, जगन्नाथ ओझा, कुशाग्र श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।

इसके अलावा पार्षदगण मदन मोहन तिवारी, अमित सिंह चिन्टू, विजय द्विवेदी, लल्लन सोनकर, विवेक कुशवाहा, रविन्द्र सिंह, राजीव पटेल, अतुल पाण्डेय, शिवा वर्मा, विनीत सिंह, पुन्नूलाल बिन्द, जीतेन्द्र सोनकर भी प्रदर्शन में शामिल होकर विरोध जताया।

समाजवादी पार्टी की चुप्पी पर सवाल:

इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा नेताओं ने अखिलेश यादव से उनके विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

क्या समाजवादी पार्टी इस विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ेगी या यह विरोध प्रदर्शन और तेज होगा? यह देखना दिलचस्प होगा।

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