Tue, 04 Feb 2025 09:51:57 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
वाराणसी : उत्तर प्रदेश के चर्चित सिकरौरा नरसंहार मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस 39 साल पुराने मामले में दोषमुक्ति से संबंधित पत्रावली तलब की है और दोषियों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद बाहुबली बृजेश सिंह सहित अन्य आरोपियों पर फिर से कानूनी शिकंजा कस सकता है।
आपको बताते चले कि साल 1986 में वाराणसी जिले के सिकरौरा गांव में हुए इस जघन्य हत्याकांड में कई लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस नरसंहार के पीछे वर्चस्व की लड़ाई और आपसी दुश्मनी को कारण बताया जाता है। इस मामले में चर्चित माफिया बृजेश सिंह और उनके सहयोगियों का नाम सामने आया था। हालांकि, बाद में कुछ आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया था।
इस मामले में पहले निचली अदालत और फिर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी, जहां कुछ अभियुक्तों को दोषमुक्त कर दिया गया था। लेकिन पीड़ित पक्ष ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले की पत्रावली मंगवाई है और फिर से इस पर सुनवाई की तैयारी कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दोषियों द्वारा दायर की गई जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट का मानना है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इसमें गहराई से जांच की जरूरत है। इस फैसले के बाद आरोपियों के खिलाफ फिर से कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
अब इस मामले में आगे सुनवाई होगी, जिसमें यह तय किया जाएगा कि दोषमुक्ति का फैसला सही था या नहीं। अगर सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को पलट दिया, तो बृजेश सिंह और अन्य आरोपियों के खिलाफ फिर से मुकदमा शुरू हो सकता है।
सिकरौरा नरसंहार यूपी के सबसे चर्चित मामलों में से एक है, जिसमें राजनीतिक और आपराधिक गठजोड़ की झलक देखने को मिली थी। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि अदालत आगे क्या निर्णय लेती है।