Fri, 11 Apr 2025 13:16:30 - By : SANDEEP KR SRIVASTAVA
मिर्जापुर: अहरौरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह सूरज की पहली किरण के साथ ही सन्नाटे को चीरती हुई गोलियों की आवाज गूंज उठी। फरहदा गांव के समीप कालकालिया नदी किनारे, उस वक्त एक रोमांचक मुठभेड़ हुई जब पुलिस और पशु तस्करों के बीच आमना-सामना हो गया।
मुख्य आरोपी मोहम्मद वसीम, जो कि अहरौरा थाना क्षेत्र के मानिकपुर गांव का निवासी है, लंबे समय से पशु तस्करी के काले कारोबार में लिप्त था। लेकिन इस बार पुलिस ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। मुठभेड़ के दौरान वसीम के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्या हुआ घटनास्थल पर?
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई। जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने मोर्चा संभाला और कुछ ही पलों में स्थिति पर नियंत्रण पा लिया।
बरामदगी से हड़कंप!
मुठभेड़ स्थल से 50 मवेशी, एक देशी तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। बरामद मवेशियों की हालत देख अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्हें किस अमानवीय तरीके से ले जाया जा रहा था।
एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह ने इस पूरे ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया, "यह मुठभेड़ मिर्जापुर पुलिस की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का प्रमाण है। हम किसी भी सूरत में पशु तस्करी जैसे घिनौने अपराध को पनपने नहीं देंगे।"
अहरौरा पुलिस की बहादुरी की चर्चा पूरे जिले में
इस कार्रवाई ने अहरौरा पुलिस को एक बार फिर जनता की नजरों में नायक बना दिया है। ग्रामीणों ने पुलिस टीम की तत्परता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सख्ती से ही अपराधियों में खौफ पैदा होगा।
क्या होगा आगे?
मोहम्मद वसीम को इलाज के बाद विधिक कार्रवाई के तहत न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अब उसके नेटवर्क की तहकीकात में जुट गई है।
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